यह योजना तीन मुख्य चरणों में बंटी है: नींव, गहन तैयारी और रिवीजन।
महीने
चरण
मुख्य फोकस और गतिविधियां
महत्वपूर्ण टिप्स
माह 1-6 (उदाहरण: दिसंबर-मई)
नींव का चरण
• पूरी सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को समझें। • NCERT की किताबें (कक्षा 6-12) इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और विज्ञान के लिए पूरी करें। • वैकल्पिक विषय का चयन करके उसका 50-60% तक का सिलेबस कवर कर लें। • दैनिक करंट अफेयर्स का अध्ययन शुरू करें (अखबार, मासिक पत्रिका)। • Prelims के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) का विश्लेषण करें।
इस चरण का लक्ष्य बुनियादी अवधारणाओं को मजबूत करना है। जल्दबाजी न दिखाएं।
माह 7-9 (उदाहरण: जून-अगस्त)
गहन तैयारी और एकीकरण
• मानक पुस्तकों (Standard Books) से GS के कोर विषयों की गहन तैयारी करें। • वैकल्पिक विषय का सिलेबस पूरा करें और उसके PYQs हल करें। • निबंध (Essay) और नैतिकता (Ethics) जैसे मेन्स-विशिष्ट विषयों पर ध्यान देना शुरू करें। • CSAT के लिए साप्ताहिक अभ्यास (रीजनिंग, कॉम्प्रिहेंशन) शुरू करें। • उत्तर लेखन अभ्यास (Answer Writing) शुरू करें। हफ्ते में कम से कम 2-3 उत्तर लिखें।
जो पढ़ें, उसकी संक्षिप्त नोट्स बनाएं। स्थैतिक ज्ञान को करंट अफेयर्स से जोड़ने का प्रयास करें।
माह 10-12 (उदाहरण: सितंबर-नवंबर)
रिवीजन और प्रीलिम्स फोकस
• सभी विषयों का पहला चक्र रिवीजन पूरा करें। • प्रीलिम्स मॉक टेस्ट सीरीज में शामिल हों और साप्ताहिक टेस्ट दें। • टेस्ट सीरीज और PYQs से अपने कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर उन पर काम करें। • करंट अफेयर्स के नोट्स (लगभग 12-18 महीने) संकलित करें और उनका रिवीजन करें।
इस चरण में स्पीड और एक्यूरेसी पर ध्यान दें। हर गलती से सीखें और उस टॉपिक को दोबारा पढ़ें।
प्रीलिम्स परीक्षा के बाद (मुख्य परीक्षा से पहले 3-4 महीने)
मेन्स विशेष तैयारी
• दैनिक उत्तर लेखन अभ्यास को अनिवार्य बनाएं। • मेन्स मॉक टेस्ट सीरीज दें और विशेषज्ञ फीडबैक पर काम करें। • निबंध लेखन का नियमित अभ्यास करें। • वैकल्पिक विषय और सभी GS पेपर का गहन रिवीजन करें।
मेन्स में सफलता का राज निरंतर लेखन अभ्यास है। अपने उत्तरों की संरचना (Structure), प्रस्तुति (Presentation) और समय प्रबंधन पर काम करें।
कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें आपको शुरुआत से ही अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
दैनिक उत्तर लेखन अभ्यास (Daily Answer Writing Practice)
लक्ष्य – सप्ताह में कम से कम 4-5 दिन उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
संसाधन – Drishti IAS जैसी साइटों पर नियमित रूप से प्रश्न मिलते हैं और कई बार मुफ्त मूल्यांकन की सुविधा भी होती है।
दैनिक करंट अफेयर्स (Daily Current Affairs)
लक्ष्य – एक अखबार (जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस) और एक मासिक पत्रिका पढ़ें। अपने नोट्स बनाएं।
वैकल्पिक विषय (Optional Subject)
लक्ष्य – शुरुआती 6 महीनों में सिलेबस का बड़ा हिस्सा कवर कर लें और बाद के महीनों में रिवीजन व उत्तर लेखन पर ध्यान दें।
सुझाव – ऐसे विषय का चयन करें जिसमें आपकी रुचि हो या पहले से ज्ञान हो। सिलेबस, मानक पुस्तकों और PYQs का विश्लेषण चयन में मदद कर सकता है।
निःशुल्क अभ्यास संसाधन (Free Practice Resources)
तैयारी में अभ्यास बहुत जरूरी है। नीचे कुछ विश्वसनीय और निःशुल्क संसाधन दिए गए हैं:
मेन्स उत्तर लेखन – Drishti IAS का [दैनिक मेन्स अभ्यास कार्यक्रम]।
प्रीलिम्स PYQs – IAS SCORE पर [पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र] टेस्ट फॉर्मेट में उपलब्ध हैं।
निबंध अभ्यास – Insights IAS की [साप्ताहिक निबंध लेखन चुनौती]।
मॉक टेस्ट – Testbook जैसे प्लेटफॉर्म पर [निःशुल्क मॉक टेस्ट] उपलब्ध हैं।
सफलता के लिए कुछ अतिरिक्त सुझाव
लक्ष्य निर्धारित करें – “Mission 2026” जैसी योजनाएं प्रीलिम्स में 100+, मेन्स में 850+ और साक्षात्कार में 200+ अंकों का लक्ष्य रखने की सलाह देती हैं। अपने लिए ऐसे ही स्पष्ट लक्ष्य बनाएं।
स्वास्थ्य का ध्यान रखें – यह एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। नियमित व्यायाम, उचित आहार और पर्याप्त नींद लें।
संशोधन है कुंजी – जो पढ़ा है, उसका नियमित संशोधन करना सबसे महत्वपूर्ण है। साप्ताहिक और मासिक रिवीजन का समय जरूर निकालें।
निर्णय लेने के लिए: क्या आप अपने वैकल्पिक विषय के चयन पर चर्चा करना चाहेंगे, या फिर प्रीलिम्स और मेन्स की तैयारी को एक साथ कैसे जोड़ें, इस पर अधिक मार्गदर्शन चाहेंगे? इससे मैं आपको और विशिष्ट जानकारी दे सकता हूं।