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परिचय

भारत की लगभग 65% आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, और इन क्षेत्रों का समग्र विकास देश के भविष्य के लिए अपरिहार्य है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने दो महत्वाकांक्षी योजनाएँ – स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (SBM-G) और जल जीवन मिशन (JJM) – शुरू की हैं। ये दोनों मिशन न केवल बुनियादी सुविधाओं को प्रदान करने तक सीमित हैं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। जहाँ SBM-G का लक्ष्य खुले में शौच (ODF) मुक्त भारत का निर्माण करना था, वहीं JJM का उद्देश्य ‘हर घर नल से जल’ सुनिश्चित करना है। इन दोनों पहलों का संयुक्त प्रभाव ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है, जो UPSC परीक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन, अर्थ व परिभाषा

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन, ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन, ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (SBM-G)

यह भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (2 अक्टूबर 2019) तक ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाना था। यह व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित एक मांग-संचालित कार्यक्रम है।

जल जीवन मिशन (JJM)

यह मिशन अगस्त 2019 में शुरू किया गया था। इसका प्राथमिक लक्ष्य वर्ष 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण घर में व्यक्तिगत कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) के माध्यम से पीने योग्य पानी की पर्याप्त और नियमित आपूर्ति (प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर) सुनिश्चित करना है। यह मिशन जल संरक्षण, ग्रेवाटर प्रबंधन और जल स्रोतों को रिचार्ज करने पर भी बल देता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, ग्रामीण स्वच्छता और जल आपूर्ति की पहल

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जल आपूर्ति की दिशा में प्रयास नए नहीं हैं, लेकिन पहले की योजनाएं अपेक्षा अनुरूप सफलता प्राप्त नहीं कर पाईं।

  • केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम (CRSP) (1986) – यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने वाला पहला राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम था, जो काफी हद तक सब्सिडी-आधारित था।
  • संपूर्ण स्वच्छता अभियान (TSC) (1999) – CRSP को एक नए दृष्टिकोण के साथ पुनर्गठित किया गया। इसने मांग-संचालित दृष्टिकोण पर जोर दिया।
  • निर्मल भारत अभियान (NBA) (2012) – TSC को NBA के रूप में नामित किया गया, जिसमें कवरेज बढ़ाने और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (NRDWP) (2009) – यह ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की पूर्ववर्ती प्रमुख योजना थी।

SBM-G और JJM ने इन पूर्ववर्ती योजनाओं की कमियों को दूर करते हुए, व्यवहार परिवर्तन, समुदाय-आधारित दृष्टिकोण, मिशन मोड कार्यान्वयन और तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (SBM-G)

  • ODF प्लस (ODF+), ODF स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) पर ध्यान केंद्रित करना।
  • व्यवहार परिवर्तन – जागरूकता और प्रोत्साहन के माध्यम से शौचालय के उपयोग को एक आदत बनाना।
  • सामुदायिक भागीदारी – ग्राम पंचायतों को योजना, कार्यान्वयन और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका देना।
  • प्रौद्योगिकी का उपयोग – निगरानी और मूल्यांकन के लिए जियो-टैगिंग और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग।

जल जीवन मिशन (JJM)

  • विकेन्द्रीकरण – ग्राम पंचायतों और जल समितियों को योजना, कार्यान्वयन, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी देना।
  • हर घर नल से जल – 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में सुनिश्चित नल जल आपूर्ति।
  • गुणवत्ता निगरानी – पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए ग्राम स्तरीय प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षित महिलाओं (फील्ड टेस्ट किट) का प्रावधान।
  • स्थिरता – जल स्रोतों को मजबूत करना, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण को प्राथमिकता देना।

UPSC प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • SBM-G का चरण II – इसे 2020-21 से 2024-25 तक के लिए ODF प्लस गतिविधियों पर केंद्रित किया गया है।
  • नोडल मंत्रालय (SBM-G & JJM) – जल शक्ति मंत्रालय।
  • SBM-G के तहत ODF – 2 अक्टूबर 2019 को भारत के सभी गाँवों ने स्वयं को ODF घोषित किया।
  • JJM का लक्ष्य – 2024 तक $55$ लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (LPCD) पानी की आपूर्ति।
  • JJM फंडिंग पैटर्न – हिमालयी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए 90:10; अन्य राज्यों के लिए 50:50; केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र द्वारा।
  • जलापूर्ति योजनाएं – जल जीवन मिशन के तहत योजनाएं ग्राम जल और स्वच्छता समिति (VWSC)/पानी समिति द्वारा तैयार की जाती हैं।

मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन कोण

मुख्य परीक्षा में इन मिशनों से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक और पर्यावरणीय पहलुओं को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

6.1. सामाजिक प्रभाव

  • महिलाओं का सशक्तिकरण – शौचालय और नल से जल की उपलब्धता से महिलाओं का समय बचता है, उनकी गरिमा और सुरक्षा बढ़ती है। (लैंगिक समानता)
  • स्वास्थ्य सुधार — खुले में शौच से मुक्ति और सुरक्षित पेयजल से डायरिया, हैजा जैसी जलजनित बीमारियों में कमी। (गरीबी से मुक्ति)
  • शिक्षा – बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता से बच्चों की स्कूल उपस्थिति में वृद्धि।

6.2. आर्थिक प्रभाव

  • बचत – बीमारियों में कमी से स्वास्थ्य खर्च में कटौती।
  • उत्पादकता में वृद्धि – स्वस्थ कार्यबल से उत्पादकता में सुधार।
  • ग्रामीण रोजगार – स्थानीय स्तर पर प्लंबर, राजमिस्त्री और पेयजल आपूर्ति प्रबंधन में रोजगार के अवसर।
  • पर्यटन – बेहतर स्वच्छता से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा।

6.3. शासन और प्रशासन

  • सहकारी संघवाद – केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच प्रभावी समन्वय।
  • विकेंद्रीकरण – ग्राम सभाओं और पानी समितियों की सक्रिय भूमिका से ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण को बढ़ावा।
  • क्षमता निर्माण – स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षित करना।

6.4. पर्यावरणीय स्थिरता

  • ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM): ODF+ के तहत प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, ग्रेवाटर (गंदे पानी) का उपचार और उपयोग।
  • जल संरक्षण – वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के पुनर्भरण पर जोर, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो।

मूल्य संवर्धन बिंदु – SBM-G और JJM दोनों ही सतत विकास लक्ष्य (SDG) 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) और SDG 3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण) की दिशा में भारत की प्रगति को दर्शाते हैं। ये मिशन ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के मूर्त उदाहरण हैं।

UPSC विगत वर्षों के प्रश्न

वर्षप्रश्न
2017स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) को कार्यान्वित करने में सबसे बड़ी बाधा कौन सी है? इस संदर्भ में सामुदायिक भागीदारी तथा निजी क्षेत्र के वित्त पोषण की भूमिका की विवेचना कीजिए। (15 अंक)
2021जल जीवन मिशन क्या है? ग्रामीण भारत में पेयजल की चुनौतियों को हल करने में इस मिशन के महत्व का विश्लेषण कीजिए। (10 अंक)
2023क्या भारत की ग्रामीण स्वच्छता और जल आपूर्ति की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य के स्तर को बढ़ाने में सफल रही है? आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (15 अंक)

निष्कर्ष

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन केवल सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण भारत के आत्मसम्मान, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला हैं। SBM-G ने जहाँ शौचालय निर्माण को एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दिया और खुले में शौच की समस्या को लगभग समाप्त किया, वहीं JJM अब सुरक्षित पेयजल के संवैधानिक अधिकार को हर घर तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। इन दोनों मिशनों ने सामाजिक और व्यवहारिक परिवर्तन को सफलतापूर्वक उत्प्रेरित किया है। भविष्य में, इन योजनाओं की सफलता उनकी निरंतरता, जल स्रोतों की स्थिरता, अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी कार्यान्वयन और सामुदायिक भागीदारी को बनाए रखने पर निर्भर करेगी। इन प्रयासों के माध्यम से, भारत एक स्वस्थ, स्वच्छ और जल-सुरक्षित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो समावेशी विकास के हमारे लक्ष्य को मजबूत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और शहरी मिशन में क्या अंतर है?

A. SBM-G का कार्यान्वयन जल शक्ति मंत्रालय द्वारा किया जाता है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है। SBM (शहरी) का कार्यान्वयन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जाता है और यह शहरी स्वच्छता और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है।

Q2. जल जीवन मिशन के तहत ‘कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन’ (FHTC) का क्या अर्थ है?

A. FHTC का अर्थ है एक घर में नल कनेक्शन जो नियमित रूप से (प्रति व्यक्ति प्रति दिन $55$ लीटर) निर्धारित गुणवत्ता (BIS 10500 मानक) का पानी प्रदान करता है और दीर्घकाल तक कार्यात्मक रहने की क्षमता रखता है।

Q3. SBM-G का ‘ODF प्लस’ घटक क्या है?

A. ODF प्लस (ODF+) स्थिति वह है जिसमें खुले में शौच की स्थिति बनी रहती है, और इसके साथ ही गाँव में ठोस (Solid) और तरल (Liquid) अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) की व्यवस्था भी होती है, जिससे गाँव में दृश्य स्वच्छता भी सुनिश्चित हो।

Q4. JJM में पानी की गुणवत्ता की निगरानी कैसे की जाती है?

A. JJM में तीन-स्तरीय निगरानी प्रणाली है: राष्ट्रीय स्तर पर, राज्य/जिला स्तर पर, और सबसे महत्वपूर्ण रूप से ग्राम स्तर पर प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा फील्ड टेस्ट किट (FTK) का उपयोग करके पानी की गुणवत्ता की जाँच की जाती है।

Q5. ये दोनों मिशन कौन से सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को सीधे समर्थन देते हैं?

A. ये मिशन मुख्य रूप से SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) को सीधे समर्थन देते हैं। इसके अतिरिक्त, ये SDG 3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण), SDG 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा), और SDG 5 (लैंगिक समानता) को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देते हैं।

आंतरिक लिंकिंग सुझाव

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  • सतत विकास लक्ष्य (SDGs)
  • विकेंद्रीकृत योजना
  • भारत में जल संकट
  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM)
  • पंचायती राज संस्थाएँ
  • ग्रेवाटर प्रबंधन

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