NCERT Class 6 History- UPSC की यात्रा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम
NCERT Class 6 History की पुस्तक सिर्फ स्कूली छात्रों के लिए नहीं है- बल्कि यह UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी की नींव रखती है- इसमें मौजूद सरल अवधारणाएं और कालक्रम की समझ- एक भविष्य का प्रशासक बनने के लिए जरूरी ऐतिहासिक चेतना का आधार तैयार करती हैं- यह पुस्तक विषय को रोचक कहानियों और तथ्यों के माध्यम से पेश करती है- जिससे अभ्यर्थी के मन में इतिहास के प्रति एक सहज जिज्ञासा और समझ पैदा होती है-

NCERT Class 6 History- एक परिचय
‘हमारे अतीत-1’ नामक यह पाठ्यपुस्तक भारत के प्रारंभिक इतिहास से छात्रों का परिचय कराती है- इसका उद्देश्य महज तिथियाँ और राजाओं के नाम रटाना नहीं है- बल्कि यह समझाना है कि हम अतीत के बारे में कैसे जानते हैं- खानाबदोश जीवन से स्थायी बस्तियों तक- और फिर महान साम्राज्यों के उदय तक का सफर इसमें शामिल है- इस प्रकार- यह पुस्तक इतिहास के अध्ययन की एक व्यवस्थित पद्धति सिखाती है-
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं
सरल और कहानी जैसी भाषा
पुस्तक की भाषा अत्यंत सरल और आकर्षक है- यह जटिल ऐतिहासिक घटनाओं को कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से समझाती है- जिससे पहली बार इतिहास पढ़ रहे UPSC अभ्यर्थी के लिए विषय रुचिकर बन जाता है-
कालक्रम का तार्किक प्रवाह
NCERT Class 6 History का सिलेबस पूरी तरह से कालक्रम पर आधारित है- यह पुरापाषाण काल से शुरू होकर- मध्यपाषाण- नवपाषाण काल- सिंधु घाटी सभ्यता- वैदिक काल- महाजनपदों- मौर्य और गुप्त साम्राज्य तक का सिलसिलेवार विवरण देता है-
बहु-विषयक दृष्टिकोण
यह पुस्तक सिर्फ राजनीतिक इतिहास तक सीमित नहीं है- बल्कि इसमें सामाजिक- आर्थिक- धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर समान रूप से ध्यान दिया गया है- कला- वास्तुकला और जीवनशैली पर भी चर्चा की गई है-
UPSC के लिए NCERT Class 6 History का महत्व
अवधारणात्मक स्पष्टता का आधार
UPSC के पाठ्यक्रम में प्राचीन इतिहास के अधिकतर विषयों की आधारभूत अवधारणाएं इसी पुस्तक से आती हैं- सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषताएं- वैदिक समाज का ढाँचा- या बौद्ध धर्म के उदय के कारण जैसे टॉपिक यहाँ सरलता से समझाए गए हैं-
प्रारंभिक परीक्षा के लिए सीधे प्रश्न
कई बार UPSC प्रारंभिक परीक्षा में ऐसे सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका स्रोत NCERT Class 6 History की पुस्तक होती है- खासतौर पर पुरातात्विक साक्ष्य- प्राचीन शहरों की विशेषताएं- और प्राचीन ग्रंथों से जुड़े तथ्य-
मुख्य परीक्षा में विश्लेषण की नींव
मुख्य परीक्षा में जब आपसे प्राचीन भारत के सामाजिक- आर्थिक परिवर्तनों पर लेख लिखने को कहा जाता है- तो उसकी मूलभूत जानकारी और तथ्य आपको इसी पुस्तक से मिलते हैं-
प्रमुख अध्ययन विषय एवं थीम
- इतिहास क्या- क्यों और कैसे – इतिहास के स्रोतों (पुरातत्व- ग्रंथ) की समझ-
- आखेटक- खाद्य संग्राहक से भोजन उत्पादक तक – मानव के बसने और कृषि शुरू करने की प्रक्रिया-
- सिंधु घाटी सभ्यता – नगर योजना- अर्थव्यवस्था- लिपि और पतन के कारण-
- वैदिक काल – ऋग्वैदिक और उत्तर वैदिक समाज में अंतर- सामाजिक संरचना-
- जनपद से महाजनपद तक – राज्यों के उदय का सिद्धांत- मगध का उत्कर्ष-
- नए प्रश्न- नए विचार – बौद्ध और जैन धर्म का उदय एवं शिक्षाएं-
- मौर्य साम्राज्य – अशोक के शिलालेख- प्रशासन- और धम्म की नीति-
- एक साम्राज्य- दो राजधानियाँ – कुषाण और गुप्त साम्राज्य- व्यापार और संस्कृति-
NCERT Class 6 History पढ़ने की प्रभावी रणनीति
सबसे पहले- पुस्तक को एक बार नॉवेल की तरह पूरा पढ़ें- ताकि कहानी का एक समग्र चित्र मन में बन जाए- दूसरी बार पढ़ते हुए नोट्स बनाएं- प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदुओं जैसे स्थान- समय- विशेषताएं- आर्थिक जीवन- सामाजिक ढाँचा- धर्म और कला को अलग-अलग लिखें- मानचित्र पर प्राचीन स्थलों को अवश्य चिन्हित करें- अंत में- पुस्तक के पीछे दिए गए प्रश्नों को हल करें- ये प्रश्न UPSC के दृष्टिकोण से बहुत उपयोगी होते हैं-
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए नोट्स बनाने के बिंदु
- सिंधु घाटी सभ्यता- शहरीकरण के कारण और प्रभाव- योजनाबद्ध नगर व्यवस्था का आधुनिक शहरी प्रशासन से तुलनात्मक अध्ययन-
- वैदिक काल- वर्ण व्यवस्था के उद्भव और विकास का सामाजिक गतिशीलता पर प्रभाव- महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन-
- बौद्ध धर्म का उदय- यह एक सामाजिक- आर्थिक और धार्मिक सुधार आंदोलन कैसे था- इसने राजतंत्र के उदय में क्या भूमिका निभाई-
- अशोक का धम्म- एक शासन दर्शन के रूप में- इसकी अंतर्राष्ट्रीय प्रासंगिकता और आधुनिक शासन प्रणाली से तुलना-
- गुप्त काल- ‘स्वर्ण युग’ की अवधारणा की आलोचनात्मक समीक्षा- कला और विज्ञान के विकास में राज्य का योगदान-
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल- हड़प्पा- मोहनजोदड़ो- लोथल- धोलावीरा- कालीबंगा की विशिष्ट विशेषताएं-
- अशोक के शिलालेखों के प्रकार और उनमें निहित संदेश- जैसे प्रशासनिक आदेश ब्राह्मी लिपि में हैं-
- प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण ग्रंथ- वेद- उपनिषद- रामायण- महाभारत और उनके रचनाकाल-
- प्रारंभिक गणराज्य (महाजनपद) जैसे वज्जि संघ और उनकी प्रशासनिक व्यवस्था-
- प्राचीन काल के प्रमुख व्यापार मार्ग और व्यापारिक केंद्र-
मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन के कोण
यदि प्रश्न हो- “सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना आधुनिक शहरी विकास के लिए किस प्रकार प्रेरणादायक है-” तो आप इस प्रकार लिख सकते हैं-
- प्रारंभ- सिंधु सभ्यता को विश्व की प्रारंभिक नगरीय सभ्यता के रूप में पहचान-
- मुख्य भाग- जल निकासी की व्यवस्था- सड़कों का ग्रिड पैटर्न- नगरों का विभाजन (दुर्ग और निचला शहर)- सार्वजनिक भवन (जैसे स्नानागार) की योजना पर चर्चा-
- आधुनिक संदर्भ- आज के स्मार्ट सिटी मिशन में टिकाऊ जल प्रबंधन और व्यवस्थित योजना के सिद्धांतों का उल्लेख-
- निष्कर्ष- यह तर्क दें कि टिकाऊपन और सामुदायिक योजना के मामले में यह सभ्यता आज भी प्रासंगिक है-
UPSC पिछले वर्ष के प्रश्न
- 2021 प्रारंभिक परीक्षा- ऋग्वेदिक आर्यों के संदर्भ में- ‘पुरंधि’ शब्द किससे संबंधित था- (उत्तर- शहर)
- 2019 प्रारंभिक परीक्षा- सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है- (शहरी योजना और जल निकासी व्यवस्था से संबंधित प्रश्न)
UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न
- ‘धम्म’ की अशोक की अवधारणा में शामिल नहीं था-
(क) सेवकों और स्वामियों के बीच सद्भाव
(ख) सभी धर्मों के प्रति सम्मान
(ग) पशुबलि की निंदा
(घ) दास प्रथा का उन्मूलन - हड़प्पा सभ्यता के संदर्भ में ‘लोथल’ प्रसिद्ध है-
(क) यहाँ जल कुंड की खोज के लिए
(ख) यहाँ अन्नागार के लिए
(ग) यहाँ एक जहाज़ बनाने की गोदी के लिए
(घ) यहाँ अग्निवेदिकाओं के लिए - ‘उपनिषद’ किससे संबंधित हैं-
(क) राजनीतिक दर्शन
(ख) दार्शनिक चिंतन
(ग) चिकित्सा विज्ञान
(घ) कृषि पद्धतियाँ - गुप्त काल को भारतीय इतिहास में ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है- मुख्य रूप से-
(क) सैन्य विजयों के कारण
(ख) व्यापार और नगरीकरण के कारण
(ग) सांस्कृतिक और बौद्धिक उपलब्धियों के कारण
(घ) धार्मिक सहिष्णुता के कारण - बौद्ध धर्म के संदर्भ में ‘महायान’ और ‘हीनयान’ में क्या मुख्य अंतर था-
(क) बुद्ध की मूर्ति पूजा
(ख) संघ में सदस्यता के नियम
(ग) ध्यान की पद्धतियाँ
(घ) भिक्षुओं के वस्त्र
*(उत्तर- 1. घ, 2. ग, 3. ख, 4. ग, 5. क)*
निष्कर्ष
अंततः- NCERT Class 6 History की पुस्तक UPSC की तैयारी का वह आधार स्तंभ है- जिसे नजरअंदाज करने का मतलब है एक ऐतिहासिक भूल करना- यह पुस्तक न सिर्फ तथ्य देती है- बल्कि एक विश्लेषणात्मक दृष्टि भी विकसित करती है- प्रारंभिक परीक्षा में अंक सुरक्षित करने से लेकर मुख्य परीक्षा के जटिल प्रश्नों के उत्तर लिखने तक- इसकी भूमिका अहम है- इसलिए- इसे गहराई से और बार-बार पढ़ें- और अपनी समझ को मजबूत बनाएं-
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या UPSC की तैयारी के लिए सिर्फ एनसीईआरटी कक्षा 6 इतिहास पर्याप्त है-
नहीं- यह सिर्फ एक शुरुआत है- प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के लिए आपको उच्च कक्षाओं (कक्षा 11-12) की एनसीईआरटी और अन्य मानक पुस्तकों का भी अध्ययन करना होगा-
2. इस पुस्तक से नोट्स कैसे बनाएं-
प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदुओं जैसे- समयकाल- भौगोलिक विस्तार- सामाजिक संरचना- आर्थिक गतिविधियाँ- धार्मिक विश्वास- कला एवं वास्तुकला और महत्वपूर्ण स्थलों को शीर्षक बनाकर नोट्स तैयार करें-
3. क्या मुझे इस पुस्तक की पूरी जानकारी याद रखनी होगी-
नहीं- रटने की बजाय समझने पर ध्यान दें- प्रवृत्तियों- परिवर्तनों के कारणों और विभिन्न पहलुओं के बीच के संबंधों को समझना अधिक महत्वपूर्ण है-
4. इस पुस्तक को कितनी बार पढ़ना चाहिए-
कम से कम दो-तीन बार- पहली बार समझने के लिए- दूसरी बार नोट्स बनाने के लिए और तीसरी बार रिवीजन के लिए-
5. क्या इस पुस्तक से प्रीलिम्स के MCQ सीधे आते हैं-
हाँ- कई बार बहुत ही सीधे और तथ्यात्मक प्रश्न इस पुस्तक से आते हैं- खासकर पुरातात्विक स्थलों और प्राचीन ग्रंथों से जुड़े-
