Introduction (परिचय)
भारत में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को योग्यता और निष्पक्षता का स्वर्ण मानक माना जाता है। हालांकि, हाल ही में सामने आए UPSC IAS FRAUD Scam Incident ने देश की सर्वोच्च प्रशासनिक भर्ती प्रक्रिया में ‘दस्तावेज़ सत्यापन’ (Document Verification) और ‘नैतिकता’ (Ethics) पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
UPSC 2026 के अभ्यर्थियों के लिए यह विषय केवल एक समाचार नहीं है, बल्कि यह GS Paper 2 (Governance) और GS Paper 4 (Ethics) के लिए एक महत्वपूर्ण Case Study है। यह घटनाक्रम आरक्षण के दुरुपयोग और प्रशासनिक तंत्र में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Why in News (चर्चा में क्यों?)
हाल ही में, कुछ प्रोबेशनरी अधिकारियों की उम्मीदवारी को कथित तौर पर फर्जी विकलांगता (PwBD) और ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर (OBC-NCL) प्रमाण पत्रों का उपयोग करने के कारण रद्द कर दिया गया।
इस UPSC IAS FRAUD Scam Incident के बाद, केंद्र सरकार और UPSC ने भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए ‘आधार-आधारित सत्यापन’ (Aadhaar-based authentication) और चेहरे की पहचान (Facial Recognition) जैसी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया है।
Background / Static Linkage (पृष्ठभूमि)
इस मुद्दे की जड़ें संवैधानिक प्रावधानों और आरक्षण के नियमों में निहित हैं। एक अभ्यर्थी के रूप में आपको निम्नलिखित बिंदुओं को NCERT या लक्ष्मीकांत से लिंक करना चाहिए:
- संवैधानिक जनादेश: संविधान का अनुच्छेद 315-323 UPSC की शक्तियों और कार्यों को परिभाषित करता है।
- समानता का अधिकार: अनुच्छेद 16(4) पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की अनुमति देता है, लेकिन फर्जी प्रमाण पत्र इस अधिकार का हनन करते हैं।
- RPwD अधिनियम, 2016: यह अधिनियम ‘बेंचमार्क विकलांगता’ (40% या अधिक) वाले व्यक्तियों के लिए 4% आरक्षण सुनिश्चित करता है।
UPSC Prelims Perspective (प्रारंभिक परीक्षा)
प्रारंभिक परीक्षा के लिए UPSC IAS FRAUD Scam Incident से जुड़े नियम और तथ्य महत्वपूर्ण हैं:
- सत्यापन का अधिकार: अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों के सेवा आवंटन और दस्तावेजों की गहन जांच की जिम्मेदारी DoPT (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) की होती है, न कि केवल UPSC की।
- नॉन-क्रीमी लेयर (NCL): ओबीसी आरक्षण का लाभ केवल उन्हें मिलता है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम है।
- Note: इसमें वेतन (Salary) और कृषि आय (Agricultural Income) को गणना में शामिल नहीं किया जाता है।
- मेडिकल बोर्ड: विकलांगता का प्रमाणीकरण AIIMS या केंद्र द्वारा नामित अस्पतालों के मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाता है।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई: सिविल सेवा परीक्षा नियम 2024 के तहत, गलत जानकारी देने पर उम्मीदवार को हमेशा के लिए डिबार (Debar) किया जा सकता है।
UPSC Mains Perspective (मुख्य परीक्षा)
मुख्य परीक्षा में आपको इस मुद्दे का विश्लेषणात्मक उत्तर लिखना होगा।
1. GS Paper 2 (Governance & Social Justice)
- सकारात्मक कार्रवाई का दुरुपयोग (Misuse of Affirmative Action): फर्जी प्रमाण पत्र उन वास्तविक वंचित उम्मीदवारों के अवसरों को छीन लेते हैं, जिनके लिए आरक्षण बनाया गया था।
- नियामक खामियां (Regulatory Gaps): UPSC IAS FRAUD Scam Incident यह दर्शाता है कि विभिन्न विभागों (जैसे राजस्व विभाग और मेडिकल बोर्ड) के बीच समन्वय की कमी है।
- प्रशासनिक सुधार: ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (जैसे DigiLocker) का उपयोग करके सत्यापन को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त बनाने की आवश्यकता है।
2. GS Paper 4 (Ethics & Integrity)
- सत्यनिष्ठा का संकट (Crisis of Integrity): सिविल सेवा का मूल मंत्र ‘Integrity’ है। यदि एक अभ्यर्थी अनैतिक साधनों से सेवा में प्रवेश करता है, तो वह भविष्य में एक ईमानदार अधिकारी कैसे बनेगा?
- साधन बनाम साध्य (Means vs Ends): गांधीजी का सिद्धांत कहता है कि साध्य (IAS बनना) पवित्र है, तो साधन (प्रमाण पत्र) भी पवित्र होने चाहिए। यह घटना इस सिद्धांत का उल्लंघन है।
Interview Perspective (साक्षात्कार)
संभावित प्रश्न:
“हालिया UPSC IAS FRAUD Scam Incident ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। एक प्रशासक के रूप में आप इसे रोकने के लिए क्या तकनीकी समाधान सुझाएंगे?”
संतुलित उत्तर (Balanced Approach):
- “महोदय, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन यह हमें ‘प्रणालीगत सुधार’ (Systemic Reforms) का अवसर देती है।
- मैं दो सुझाव दूंगा:
- AI और डेटा एकीकरण: सभी प्रमाण पत्रों को जारी करने वाले प्राधिकरण के डेटाबेस को UPSC पोर्टल से API के माध्यम से लिंक करना।
- रैंडम ऑडिट: चयन के बाद भी प्रोबेशन अवधि के दौरान दस्तावेजों का रैंडम क्रॉस-वेरिफिकेशन करना।”
- Tip: कभी भी संस्था (UPSC) की आलोचना न करें, समाधान पर फोकस करें।
Data / Reports / Constitutional Articles
- अनुच्छेद 312: अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन।
- IPC धारा 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी): ऐसे मामलों में लागू होने वाली कानूनी धाराएं।
- DoPT रिपोर्ट: हाल ही में DoPT ने प्रमाण पत्रों की जांच के लिए ‘Single Window System’ का प्रस्ताव दिया है।
Government Schemes / Acts / International Bodies
- The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016: विकलांगता की परिभाषा और दंड के प्रावधान।
- Mission Karmayogi: सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण और नैतिकता पर जोर।
- DigiLocker Integration: दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए।
PYQ Linkage (विगत वर्षों के प्रश्न)
- Prelims (2018): ‘क्रीमी लेयर’ का सिद्धांत किस संदर्भ में लागू होता है? (उत्तर: ओबीसी आरक्षण)।
- Mains GS-4 (2022): “भ्रष्टाचार केवल सरकारी खजाने का दुरुपयोग नहीं है, बल्कि यह विश्वास का हनन है।” – यह कथन UPSC IAS FRAUD Scam Incident पर सटीक बैठता है।
- Mains GS-2 (2015): सिविल सेवा सुधारों की आवश्यकता पर प्रश्न।
Practice Questions
Prelims MCQs
Q1. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- आयोग द्वारा की गई सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी होती हैं।
- आयोग के पास किसी भी उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द करने की शक्ति निहित है।उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?(a) केवल 1(b) केवल 2(c) 1 और 2 दोनों(d) न तो 1, न ही 2(उत्तर: b – सिफारिशें सलाहकारी होती हैं, बाध्यकारी नहीं)
Q2. विकलांगता अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार, सरकारी नौकरियों में आरक्षण का कोटा कितना है?
(a) 3%
(b) 4%
(c) 5%
(d) 2%
(उत्तर: b)
Mains Questions
- “प्रशासनिक नैतिकता केवल कार्यस्थल पर व्यवहार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा में प्रवेश के द्वार से ही शुरू होती है।” UPSC IAS FRAUD Scam Incident के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण करें। (150 शब्द)
- भारत में आरक्षण लाभों के लक्षित वितरण को सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रमाणन प्रक्रिया’ में किन तकनीकी सुधारों की आवश्यकता है? चर्चा करें। (250 शब्द)
Revision Box (Exam-Oriented Crisp Notes)
| पहलू | विवरण |
| विषय | UPSC IAS FRAUD Scam Incident |
| मुख्य कारण | ओबीसी-एनसीएल और पीडब्ल्यूबीडी कोटे का दुरुपयोग |
| संवैधानिक अनुच्छेद | 16(4), 315-323 |
| नैतिक मुद्दा | Integrity Gap (सत्यनिष्ठा की कमी) |
| समाधान | आधार ऑथेंटिकेशन, क्रॉस-वेरिफिकेशन |
High-Quality Prelims MCQs (प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास)
UPSC के बदलते पैटर्न (Statement-based) के अनुसार यहाँ 3 महत्वपूर्ण प्रश्न हैं:
Q1. ‘विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016’ (RPwD Act) और सिविल सेवा भर्ती के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- ‘बेंचमार्क विकलांगता’ का अर्थ है कम से कम 40% की निर्दिष्ट विकलांगता।
- विकलांगता प्रमाण पत्र की जांच के लिए अपीलीय मेडिकल बोर्ड का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है।
- हालिया UPSC IAS FRAUD Scam Incident के बाद, सरकार ने निजी अस्पतालों को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं? (a) केवल एक (b) केवल दो (c) सभी तीन (d) कोई नहीं
उत्तर: (b) व्याख्या: कथन 1 सही है। कथन 2 सही है (UPSC मेडिकल बोर्ड का निर्णय अंतिम होता है)। कथन 3 गलत है (सरकारी अस्पताल ही पहले से अधिकृत हैं, निजी पर पूर्ण प्रतिबंध जैसा कोई नया नियम इस संदर्भ में अभी ‘लिखित’ नहीं है, नियम पहले से सख्त हैं).
Q2. ओबीसी-नॉन क्रीमी लेयर (OBC-NCL) की स्थिति निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित में से किस आय को ‘सकल वार्षिक आय’ (Gross Annual Income) में शामिल नहीं किया जाता है?
- वेतन से आय (Income from Salary)
- कृषि से आय (Income from Agriculture)
- व्यापार या व्यवसाय से आय
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए: (a) केवल 1 (b) केवल 1 और 2 (c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) व्याख्या: DoPT के दिशा-निर्देशों के अनुसार, क्रीमी लेयर का निर्धारण करते समय ‘वेतन’ और ‘कृषि आय’ को 8 लाख की सीमा में नहीं जोड़ा जाता है। यह अक्सर UPSC IAS FRAUD Scam Incident जैसे मामलों में विवाद का कारण बनता है।
Q3. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की संवैधानिक स्थिति के बारे में क्या सत्य है? (a) यह अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों का कैडर नियंत्रण प्राधिकरण (Cadre Controlling Authority) है। (b) यह सेवा शर्तों और वर्गीकरण के नियमों को बनाने के लिए संसद के प्रति उत्तरदायी है। (c) इसका मुख्य कार्य केवल भर्ती प्रक्रिया का संचालन करना है, सेवा आवंटन DoPT का कार्य क्षेत्र है। (d) अनुच्छेद 312 के तहत इसे नई अखिल भारतीय सेवा बनाने का अधिकार है।
उत्तर: (c) व्याख्या: कैडर कंट्रोल DoPT करता है (IAS के लिए), न कि UPSC। नई सेवा बनाने का अधिकार राज्यसभा (संसद) को है, UPSC को नहीं।

Mains Model Answer (मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर)
प्रश्न: “सिविल सेवाओं में ‘प्रवेश स्तर’ पर नैतिक चूक (Ethical Lapses) प्रशासन की नींव को कमजोर करती है।” हालिया UPSC IAS FRAUD Scam Incident के आलोक में चर्चा करें और सुधारात्मक उपाय सुझाएं। (150 शब्द / 10 अंक)
उत्तर संरचना (Structure Blueprint):
1. परिचय (Introduction): लोक सेवा का आधारस्तंभ ‘सत्यनिष्ठा’ (Integrity) है। हाल ही में उजागर हुए UPSC IAS FRAUD Scam Incident, जिसमें जाली प्रमाण पत्रों (PwBD/OBC) का उपयोग किया गया, ने चयन प्रक्रिया की शुचिता और नैतिक मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
2. मुख्य भाग (Body): नैतिक प्रभाव और विश्लेषण यह घटना केवल एक प्रक्रियात्मक उल्लंघन नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम हैं:
- योग्यता का हनन: एक अयोग्य व्यक्ति द्वारा पद हथियाना, एक योग्य और ईमानदार उम्मीदवार के अधिकार (संविधान के अनुच्छेद 16) का हनन है।
- भरोसे का संकट (Trust Deficit): जब रक्षक (प्रशासक) ही भक्षक (जालसाज) बन जाए, तो जनता का प्रशासन से विश्वास उठ जाता है।
- कमजोर नींव: यदि एक अधिकारी की शुरुआत ही ‘झूठ’ से होती है, तो सेवाकाल के दौरान उससे ईमानदारी की अपेक्षा करना बेमानी है।
3. सुधारात्मक उपाय (Corrective Measures):
- प्रक्रियात्मक सुधार: जैसा कि DoPT ने संकेत दिया है, ‘आधार-लिंक्ड डिजिटल सत्यापन’ अनिवार्य होना चाहिए।
- नैतिक ऑडिट: प्रोबेशन (LBSNAA) के दौरान उम्मीदवारों के ‘एथिकल प्रोफाइल’ की भी जांच होनी चाहिए।
- पारदर्शिता: चयनित उम्मीदवारों के आरक्षण दावे (क्रीमी लेयर स्टेटस आदि) को सार्वजनिक पटल (Public Domain) पर रखा जा सकता है ताकि सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) हो सके।
Answer Writing Practice Questions (अभ्यास प्रश्न)
UPSC 2026 के लिए आप इन प्रश्नों का उत्तर लिखने का अभ्यास करें:
GS Paper 2 (Governance & Constitution)
Q1. “आरक्षण की नीति सामाजिक न्याय का उपकरण है, न कि विशेषाधिकार का।” UPSC IAS FRAUD Scam Incident के संदर्भ में, आरक्षण लाभों के लिए ‘क्रीमी लेयर’ और ‘विकलांगता प्रमाणन’ की वर्तमान प्रक्रिया में मौजूद खामियों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें। (250 शब्द)
Mentor Tip:
- उत्तर में केवल घोटाले की बात न करें।
- ‘Non-inclusion of Salary in Creamy Layer’ के नियम के पक्ष और विपक्ष दोनों लिखें।
- सुझाव दें कि कैसे तकनीक (Technology) बिचौलियों को हटा सकती है।
GS Paper 4 (Ethics, Integrity & Aptitude)
Q2. आप एक जिले के डीएम (DM) हैं। आपके संज्ञान में आता है कि आपके अधीनस्थ एक युवा अधिकारी, जिसका चयन हाल ही में हुआ है, ने जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त की है। वह अधिकारी काम में बहुत कुशल (Efficient) है। आप इस स्थिति में क्या करेंगे? अपने विकल्पों का मूल्यांकन करें। (Case Study – 250 शब्द)
Mentor Tip:
- यहाँ दुविधा (Dilemma) है: Efficiency vs Integrity।
- याद रखें, सिविल सेवा में ‘Integrity’ के बिना ‘Efficiency’ खतरनाक है।
- आपकी कार्रवाई कानून (Law) और नियमों (Rules) के अनुसार होनी चाहिए, भावनाओं के अनुसार नहीं।
निष्कर्ष (Conclusion)
कौटिल्य ने कहा था, “यथा राजा तथा प्रजा”। यदि प्रशासक भ्रष्ट होंगे, तो प्रशासन कभी स्वच्छ नहीं हो सकता। UPSC IAS FRAUD Scam Incident को एक चेतावनी के रूप में लेते हुए, ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनानी होगी ताकि ‘इस्पात के ढांचे’ (Steel Frame) में जंग न लगे।
