परिचय (Introduction)

आज का दिन, 26 नवंबर 2025, भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। राष्ट्र ने उत्साहपूर्वक 76वां संविधान दिवस मनाया, जो हमारे संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है। इसके साथ ही, नीतिगत मोर्चे पर कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए ‘मसौदा बीज विधेयक 2025’ चर्चा के केंद्र में है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, भारत ने तकनीकी संप्रभुता की ओर एक बड़ी छलांग लगाते हुए IIT बॉम्बे में अत्याधुनिक क्वांटम फैब्रिकेशन सुविधाओं की घोषणा की है। वहीं, शासन में जवाबदेही तय करते हुए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन में अनियमितताओं के लिए कई राज्यों पर भारी जुर्माना लगाया है। यह लेख इन सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का यूपीएससी परीक्षा के दृष्टिकोण से गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

संविधान दिवस 2025 (Constitution Day 2025)

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अर्थ और संदर्भ (Context)

26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ (Samvidhan Diwas) या ‘राष्ट्रीय कानून दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। 2025 में, मुख्य समारोह नई दिल्ली के संविधान सदन (संसद के पुराने केंद्रीय कक्ष) में आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय (Theme) “हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान” है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)

  • 26 नवंबर 1949 – भारत की संविधान सभा ने औपचारिक रूप से भारत के संविधान को अंगीकृत (Adopt) और अधिनियमित (Enact) किया।
  • 26 जनवरी 1950 -संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ (गणतंत्र दिवस)।
  • 2015 -सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में इस दिन को ‘संविधान दिवस’ घोषित किया।

मुख्य विशेषताएँ (Key Highlights 2025)

  • राष्ट्रपति का संबोधन – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह की अध्यक्षता की और संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का सामूहिक पठन किया।
  • बहुभाषी संविधान – संविधान की प्रति को 9 भारतीय भाषाओं (मैथिली, सिंधी, कश्मीरी आदि) में डिजिटली लॉन्च किया गया।
  • कला और सुलेख“भारत के संविधान में कला और सुलेख (Calligraphy)” नामक एक विशेष स्मारिका का विमोचन किया गया, जो नंदलाल बोस की चित्रकारी और प्रेम बिहारी नारायण रायजादा की सुलेख कला को प्रदर्शित करती है।

Mains Answer Writing Angle

  • संवैधानिक नैतिकता (Constitutional Morality) यह दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता के पालन का संकल्प है। यूपीएससी प्रश्न अक्सर इस बात पर केंद्रित होते हैं कि संविधान एक ‘जीवंत दस्तावेज’ (Living Document) कैसे है।
  • मूल कर्तव्य – नागरिकों को उनके अधिकारों के साथ-साथ अनुच्छेद 51A के तहत कर्तव्यों की याद दिलाना।

मसौदा बीज विधेयक 2025 (Draft Seeds Bill 2025)

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परिचय

कृषि मंत्रालय ने बीज अधिनियम, 1966 को प्रतिस्थापित करने के लिए ‘मसौदा बीज विधेयक 2025’ जारी किया है। इसका उद्देश्य आधुनिक कृषि की जरूरतों को पूरा करना और बीज बाजार में गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान (Key Provisions)

  • अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration) अब सभी प्रकार के बीजों (किस्मों) का पंजीकरण अनिवार्य होगा। 1966 के अधिनियम में केवल ‘अधिसूचित किस्मों’ का पंजीकरण आवश्यक था।
  • किसानों के अधिकार– विधेयक स्पष्ट करता है कि किसान अपनी उपज से प्राप्त बीजों को बचाने, उपयोग करने, साझा करने और बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। शर्त: वे इन बीजों को ‘ब्रांडेड बीज’ के रूप में नहीं बेच सकते।
  • ट्रेसेबिलिटी (Traceability) हर बीज पैकेट पर QR कोड लगाना अनिवार्य होगा ताकि किसान बीज की उत्पत्ति और प्रमाणिकता की जांच कर सकें।
  • सख्त दंड – नकली या मानक से कम गुणवत्ता वाले बीज बेचने पर ₹30 लाख तक का जुर्माना और 3 साल तक की कैद का प्रावधान।
  • अपराधों का गैर-आपराधिकीकरण (Decriminalization) छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर केवल आर्थिक दंड के दायरे में लाया गया है (Ease of Doing Business)।

आलोचना और चुनौतियाँ

  • कीमतों पर नियंत्रण – आलोचकों का कहना है कि विधेयक में बीज की कीमतों को नियंत्रित करने का कोई ठोस तंत्र नहीं है, जिससे निजी कंपनियों का एकाधिकार बढ़ सकता है।
  • मुआवजा – फसल खराब होने पर मुआवजे की प्रक्रिया जटिल मानी जा रही है।

Comparison Table, 1966 Act vs. 2025 Bill

विशेषताबीज अधिनियम, 1966मसौदा बीज विधेयक, 2025
पंजीकरणकेवल अधिसूचित किस्मेंसभी किस्में अनिवार्य
तकनीककोई प्रावधान नहींQR कोड और डिजिटल डेटाबेस
किसान के अधिकारस्पष्ट नहीं थेस्पष्ट सुरक्षा (गैर-ब्रांडेड बिक्री की अनुमति)
दंडकम (नाममात्र जुर्माना)सख्त (जेल + भारी जुर्माना)

IIT बॉम्बे — क्वांटम फैब्रिकेशन एवं सेंट्रल फैसिलिटीज़

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घोषणा (The Announcement)

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत ₹720 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। इसके तहत देश के प्रमुख संस्थानों में क्वांटम फैब्रिकेशन (निर्माण) सुविधाएँ स्थापित की जाएंगी।

मुख्य बिंदु (Key Features)

  • स्थान: यह सुविधा मुख्य रूप से IIT बॉम्बे और IISc बेंगलुरु में स्थापित होगी।
    • IIT बॉम्बे – यहाँ ‘क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी’ (Quantum Sensing & Metrology) हब बनेगा।
    • IISc बेंगलुरु – यहाँ ‘क्वांटम कंप्यूटिंग फैब्रिकेशन’ लैब बनेगी।
  • उद्देश्य – भारत को क्वांटम उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना। अभी तक भारत चिप्स और हार्डवेयर के लिए विदेशों पर निर्भर है।
  • तकनीकी संप्रभुता (Tech Sovereignty) – यह कदम भारत को उन गिने-चुने देशों (जैसे अमेरिका, चीन) की कतार में ला खड़ा करेगा जिनके पास खुद की क्वांटम हार्डवेयर बनाने की क्षमता है।

UPSC प्रासंगिकता

  • क्वांटम तकनीक का उपयोग सुरक्षित संचार (Cryptography), दवा खोज (Drug Discovery) और रक्षा में होता है।
  • यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विज्ञान के क्षेत्र में विस्तार है।

Prelims Quick Facts,“Manchurian Walnut Tree”

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चर्चा में क्यों? वैज्ञानिकों ने हाल ही में पाया है कि मंचूरियन अखरोट (Juglans mandshurica) के पत्तों में एक प्राकृतिक यौगिक होता है जो जैव-शाकनाशी (Bio-herbicide) के रूप में कार्य कर सकता है। यह सिंथेटिक रसायनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन सकता है।

  • वैज्ञानिक नाम – Juglans mandshurica
  • मूल निवास (Native) पूर्वी एशिया (चीन, रूस का सुदूर पूर्व, कोरिया)।
  • विशेषता – यह एक तेजी से बढ़ने वाला पर्णपाती (Deciduous) वृक्ष है।
  • महत्व:
    • प्राकृतिक ‘Weed-Killer’ – इसके पत्तों से निकलने वाले रसायन आसपास के खरपतवार को बढ़ने से रोकते हैं (एलेलोपैथी प्रभाव)।
    • लकड़ी – इसकी लकड़ी सख्त होती है और फर्नीचर बनाने में उपयोग की जाती है।
  • UPSC Prelims Fact: यह पौधा ‘एलेलोपैथी’ (Allelopathy) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है – एक प्रक्रिया जहाँ एक पौधा दूसरे पौधों के विकास को रोकने के लिए रसायन छोड़ता है।

राष्ट्रीय-राजनीतिक: Jal Jeevan Mission और जुर्माना

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घटनाक्रम

केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (JJM) के कार्यान्वयन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के चलते 7 राज्यों पर कुल ₹129.27 करोड़ का जुर्माना लगाया है।

मुख्य बिंदु

  • सर्वाधिक जुर्माना – सबसे अधिक जुर्माना गुजरात (लगभग ₹120 करोड़) से वसूला जा रहा है, इसके बाद राजस्थान और महाराष्ट्र का स्थान है।
  • कारण
    • फर्जी बिलिंग।
    • ‘कार्यात्मक’ नल (Functional Taps) दिखाए गए, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी।
    • निविदाओं (Tenders) में गड़बड़ी।
  • शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि केवल बुनियादी ढांचा खड़ा कर देना काफी नहीं है; पानी की वास्तविक आपूर्ति ही सफलता का पैमाना होगी।
  • महत्व – यह कदम सहकारी संघवाद में केंद्र की निगरानी भूमिका (Oversight Role) और सार्वजनिक धन की जवाबदेही (Accountability) को रेखांकित करता है।

अभ्यास प्रश्न (Prelims & Mains Practice)

UPSC Prelims MCQ (Non-Interactive)

प्रश्न 1. मसौदा बीज विधेयक, 2025 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. यह 1966 के बीज अधिनियम को प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव करता है।
  2. इसमें सभी प्रकार के बीजों और रोपण सामग्री का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
  3. यह किसानों को ब्रांडेड बीज बेचने की अनुमति देता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3

प्रश्न 2. ‘राष्ट्रीय क्वांटम मिशन’ के तहत हाल ही में घोषित फैब्रिकेशन सुविधाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें

  1. IIT बॉम्बे — क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी
  2. IISc बेंगलुरु — क्वांटम कंप्यूटिंग फैब्रिकेशन
  3. IIT दिल्ली — क्वांटम सामग्री विकास

कितने युग्म सही सुमेलित हैं? (a) केवल एक (b) केवल दो (c) सभी तीन (d) कोई नहीं

उत्तर

  1. (a) [किसानों को ब्रांडेड बीज बेचने की अनुमति नहीं है।]
  2. (c) [तीनों संस्थान सही सुमेलित हैं, IIT दिल्ली सामग्री (materials) पर केंद्रित है।]

UPSC Mains Practice Questions

  1. GS-2 – “संविधान दिवस मनाना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता को पुनर्जीवित करने का अवसर है।” इस कथन के आलोक में भारतीय संविधान की बदलती भूमिका और चुनौतियों पर चर्चा करें।
  2. GS-3 – “भारत को कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए बीज प्रौद्योगिकी में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।” मसौदा बीज विधेयक 2025 इस आवश्यकता को कैसे संबोधित करता है? किसानों के हितों के परिप्रेक्ष्य में आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के घटनाक्रम भारत की बहुआयामी प्रगति को दर्शाते हैं। एक ओर हम संविधान दिवस के माध्यम से अपनी लोकतांत्रिक जड़ों को सींच रहे हैं, तो दूसरी ओर क्वांटम मिशन और बीज विधेयक के जरिए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहे हैं। जल जीवन मिशन में की गई दंडात्मक कार्रवाई यह संदेश देती है कि ‘न्यू इंडिया’ में वितरण (Delivery) और पारदर्शिता (Transparency) से समझौता नहीं किया जाएगा। यूपीएससी अभ्यर्थियों को इन विषयों को अलग-थलग देखने के बजाय ‘तकनीक, नीति और शासन’ के एकीकृत दृष्टिकोण से देखना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1 – संविधान दिवस 26 जनवरी को क्यों नहीं मनाया जाता? Ans – 26 जनवरी को संविधान ‘लागू’ हुआ था (गणतंत्र दिवस), जबकि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने इसे ‘अंगीकृत’ (Adopt) किया था। इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।

Q2 – मसौदा बीज विधेयक 2025 से किसानों को क्या सबसे बड़ा लाभ है? Ans – गुणवत्ता आश्वासन। QR कोड और सख्त नियमों के कारण किसानों को नकली बीजों से मुक्ति मिलेगी, जिससे फसल खराब होने का जोखिम कम होगा।

Q3 – मंचूरियन अखरोट वृक्ष का पर्यावरण में क्या महत्व है? Ans – यह प्राकृतिक खरपतवार-नाशक (Natural Weedicide) का स्रोत है, जो हानिकारक रासायनिक शाकनाशियों का विकल्प बन सकता है।

Q4- जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ का लक्ष्य वर्ष क्या है? Ans: मूल लक्ष्य 2024 था, लेकिन कार्यान्वयन की चुनौतियों को देखते हुए इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

Q5 क्वांटम फैब्रिकेशन क्या है? Ans– यह क्वांटम कंप्यूटर और सेंसर के लिए आवश्यक विशेष हार्डवेयर (जैसे चिप्स, क्यूबिट्स) को भौतिक रूप से बनाने की प्रक्रिया है।

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