परिचय
मानव इतिहास का सबसे लंबा कालखंड पाषाण युग है, जो मानव के उद्भव से लेकर धातुओं के प्रयोग की शुरुआत तक फैला हुआ है। यह वह समय था जब मनुष्य अपने अस्तित्व, सुरक्षा और भोजन के लिए पूरी तरह से पत्थरों पर निर्भर था। UPSC की दृष्टि से, यह विषय न केवल इतिहास के लिए बल्कि मानव विज्ञान (Anthropology) और संस्कृति के विकास को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कालखंड में मानव ने ‘खाद्य संग्राहक’ (Food Gatherer) से ‘खाद्य उत्पादक’ (Food Producer) बनने तक का सफर तय किया।
पाषाण युग का अर्थ और परिभाषा
![पाषाण युग - पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण संस्कृति, सम्पूर्ण [3] UPSC IAS नोट्स](https://upscnoteshindi.in/wp-content/uploads/2025/12/ChatGPT-Image-Dec-1-2025-05_09_04-PM-1024x682.jpg)
‘पाषाण’ शब्द का अर्थ है ‘पत्थर’। अतः पाषाण युग वह प्रागैतिहासिक काल है जब मानव ने अपने औजार और हथियार बनाने के लिए मुख्य रूप से पत्थर का उपयोग किया। हालांकि उन्होंने लकड़ी और हड्डियों का भी प्रयोग किया, लेकिन पुरातात्विक साक्ष्यों में पत्थर ही सबसे अधिक सुरक्षित बचे रहे हैं।
इसे लिथिक एज (Lithic Age) भी कहा जाता है। यह कालखंड लेखन कला के विकास से पहले का है, इसलिए इसके अध्ययन के लिए हम पूरी तरह से पुरातात्विक स्रोतों (जैसे औजार, गुफा चित्र, और जीवाश्म) पर निर्भर हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्गीकरण
भारत में पाषाण युग का अध्ययन रॉबर्ट ब्रूस फूठ (Robert Bruce Foote) द्वारा पल्लवरम (चेन्नई) में एक पुरापाषाणकालीन औजार की खोज के साथ शुरू हुआ। औजारों की प्रकृति, जलवायु में परिवर्तन और जीवनशैली के आधार पर पाषाण युग को तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है-
- पुरापाषाण काल (Paleolithic Age) – 5,00,000 ई.पू. से 10,000 ई.पू.
- मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) – 10,000 ई.पू. से 6,000 ई.पू.
- नवपाषाण काल (Neolithic Age) – 6,000 ई.पू. से 1,000 ई.पू.
(नोट- यह कालक्रम विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न हो सकता है)
पाषाण युग के चरण – विस्तृत विश्लेषण
1. पुरापाषाण काल (Paleolithic Age)
यह मानव इतिहास का सबसे प्रारंभिक और लंबा समय है। इसे प्लाइस्टोसिन (Pleistocene) या हिमयुग (Ice Age) के दौरान विकसित माना जाता है।
मुख्य विशेषताएं-
- जीवनशैली- मनुष्य पूरी तरह से शिकारी और खाद्य संग्राहक था। खेती का कोई ज्ञान नहीं था।
- औजार- बड़े, भारी और बिना पॉलिश किए हुए पत्थर के औजार (जैसे- हैंड एक्स, क्लीवर, चॉपर)। ये क्वार्टजाइट (Quartzite) पत्थर से बने होते थे।
- आग की खोज- इस काल के अंत तक मानव ने आग जलाना सीख लिया था, जो एक क्रांतिकारी खोज थी।
- समाज- लोग छोटे समूहों या बैंड (Bands) में रहते थे और गुफाओं या रॉक शेल्टर्स का उपयोग करते थे।
उप-विभाजन-
- निम्न पुरापाषाण (Lower Paleolithic)
- मध्य पुरापाषाण (Middle Paleolithic)
- उच्च पुरापाषाण (Upper Paleolithic)
2. मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age)
यह पुरापाषाण और नवपाषाण के बीच का संक्रमण काल (Transition Period) है। जलवायु गर्म होने लगी थी, जिससे वनस्पति और जीव-जंतुओं में बदलाव आया।
मुख्य विशेषताएं-
- माइक्रोलिथ्स (Microliths)- इस काल की सबसे बड़ी विशेषता सूक्ष्म पाषाण उपकरण (Microliths) हैं। ये छोटे, नुकीले पत्थर थे जिन्हें लकड़ी या हड्डी के हत्थे में लगाकर तीर या भाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
- पशुपालन की शुरुआत- आदमगढ़ (MP) और बागोर (राजस्थान) से पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं।
- कला- भीमबेटका की गुफाओं में इसी काल के सर्वाधिक चित्र मिले हैं, जो शिकार और नृत्य को दर्शाते हैं।
3. नवपाषाण काल (Neolithic Age)
गॉर्डन चाइल्ड ने इसे “नवपाषाण क्रांति” (Neolithic Revolution) कहा है क्योंकि इसमें मानव जीवन में आमूलचूल परिवर्तन हुए।
मुख्य विशेषताएं-
- कृषि की शुरुआत- मेहरगढ़ (बलूचिस्तान) से गेहूं और जौ की खेती के प्राचीन साक्ष्य मिले हैं। भारत में कोल्डीहवा (UP) से चावल के साक्ष्य मिले हैं।
- स्थायी निवास- कृषि के कारण मनुष्य ने एक जगह टिक कर रहना शुरू किया, जिससे गांवों का निर्माण हुआ।
- पहिए का आविष्कार- इसी काल में पहिए का आविष्कार हुआ, जिससे मिट्टी के बर्तन (Pottery) बनाना और परिवहन आसान हो गया।
- पॉलिशदार औजार- औजार अब अधिक सुडौल, धारदार और पॉलिश किए हुए थे (जैसे- सेल्ट या कुल्हाड़ी)।
तुलनात्मक अध्ययन
| विशेषता | पुरापाषाण काल | मध्यपाषाण काल | नवपाषाण काल |
| समय सीमा | 5 लाख – 10,000 ई.पू. | 10,000 – 6,000 ई.पू. | 6,000 – 1,000 ई.पू. |
| मुख्य पेशा | शिकार और संग्रह | शिकार, मछली पकड़ना, पशुपालन (शुरुआत) | कृषि और पशुपालन |
| औजार | बड़े और बेडौल (Hand axe) | सूक्ष्म औजार (Microliths) | पॉलिशदार औजार (Celt) |
| आवास | गुफाएं, खुले आकाश | गुफाएं, अस्थायी झोपड़ियां | मिट्टी के घर, स्थायी गांव |
| महत्वपूर्ण खोज | आग | तीर-कमान | पहिया, कृषि, मृदभांड |
UPSC मुख्य परीक्षा नोट्स (Mains Notes)
मुख्य परीक्षा के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें-
- पर्यावरण और संस्कृति का संबंध- कैसे हिमयुग (Ice Age) के अंत और जलवायु परिवर्तन ने मध्यपाषाण काल में छोटे औजारों और बाद में नवपाषाण काल में कृषि को प्रेरित किया।
- नवपाषाण क्रांति- यह केवल औजारों में बदलाव नहीं था, बल्कि यह सामाजिक संरचना, अधिशेष उत्पादन (Surplus Production) और सभ्यता के उदय का आधार था।
- प्रागैतिहासिक कला- भीमबेटका की चित्रकारी सामाजिक जीवन, लैंगिक विभाजन और धार्मिक विश्वासों की प्रारंभिक झलक दिखाती है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Bullet Points)
- रॉबर्ट ब्रूस फूठ- इन्हें ‘भारतीय प्रागैतिहासिक पुरातत्व का जनक’ माना जाता है।
- मेहरगढ़ (पाकिस्तान)- कृषि का सबसे प्राचीनतम साक्ष्य और कच्ची ईंटों के घर।
- बुर्जहोम (कश्मीर)- गर्त आवास (Pit-dwelling) और मालिक के साथ कुत्ते को दफनाने के साक्ष्य।
- चिरांद (बिहार)- हड्डी के औजारों की प्रचुरता (विशेषकर हिरण के सींग)।
- भीमबेटका (मध्य प्रदेश)- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जहाँ 600 से अधिक रॉक शेल्टर मिले हैं।
- हथनोरा (MP)- यहाँ से ‘नर्मदा मानव’ की खोपड़ी मिली है, जो भारत में मानव का सबसे पुराना जीवाश्म है।
चुनौतियां और संरक्षण (Issues & Initiatives)
चुनौतियां-
- अवैध खनन- कई प्रागैतिहासिक स्थल खनन गतिविधियों के कारण नष्ट हो रहे हैं।
- जागरूकता की कमी- स्थानीय लोग अक्सर रॉक पेंटिंग्स के महत्व को नहीं समझते और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं।
- प्राकृतिक क्षरण- धूप और बारिश के कारण हजारों साल पुरानी चित्रकलाएं धुंधली हो रही हैं।
सरकारी पहल-
- ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण)- स्थलों का संरक्षण और खुदाई करता है।
- AMASR Act 1958- प्राचीन स्मारकों की सुरक्षा के लिए कानून।
- संग्रहालय- ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय’ (भोपाल) जैसे संस्थान जागरूकता फैला रहे हैं।
मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन दृष्टिकोण (Mains Answer Writing Angle)
प्रश्न- “नवपाषाण काल केवल औजारों के परिशोधन का काल नहीं था, बल्कि यह एक सांस्कृतिक क्रांति थी।” टिप्पणी करें।
उत्तर का ढांचा-
- भूमिका- नवपाषाण काल को परिभाषित करें।
- मुख्य भाग- समझाएं कि कैसे कृषि और पशुपालन ने ‘अधिशेष उत्पादन’ को जन्म दिया। इससे श्रम विभाजन, व्यापार की शुरुआत, और बस्तियों का निर्माण हुआ। इसे गॉर्डन चाइल्ड की ‘क्रांति’ अवधारणा से जोड़ें।
- निष्कर्ष- यह स्पष्ट करें कि इसी क्रांति ने भविष्य की सिंधु घाटी सभ्यता की नींव रखी।
विगत वर्षों के प्रश्न (UPSC Previous Year Questions)
UPSC Prelims (2017) प्रश्न- निम्नलिखित में से किस स्थल से हड्डी के उपकरण प्राप्त हुए हैं? (a) चोपनी मांडो (b) काकोरिया (c) महदहा (d) सराय नाहर राय उत्तर- (c) और (d) दोनों (विवादित, लेकिन महदहा प्रमुख है)
UPSC Mains (2015) प्रश्न- “मेसोलिथिक (मध्यपाषाण) रॉक कट आर्किटेक्चर न केवल भारत के सांस्कृतिक जीवन को दर्शाता है, बल्कि सौंदर्य बोध को भी।” चर्चा करें।
UPSC Prelims MCQ Practice (5 Questions)
Q1. भारत में मानव का सर्वप्रथम साक्ष्य कहाँ मिलता है?
A. नीलगिरि पहाड़ियाँ
B. शिवालिक पहाड़ियाँ
C. नल्लमला पहाड़ियाँ
D. नर्मदा घाटी
उत्तर- D
Q2. ‘माइक्रोलिथ्स’ (Microliths) किस युग की विशेषता हैं?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. ताम्रपाषाण काल
उत्तर- B
Q3. निम्नलिखित में से किस स्थल से ‘गर्त आवास’ (Pit Dwelling) के प्रमाण मिले हैं?
A. बुर्जहोम
B. कोल्डीहवा
C. ब्रह्मगिरी
D. संगनकल्लू
उत्तर- A
Q4. पहिए का आविष्कार किस काल में हुआ?
A. पूर्व पाषाण काल
B. मध्य पाषाण काल
C. नव पाषाण काल
D. लौह युग
उत्तर- C
Q5. भीमबेटका की गुफाएं किसके लिए प्रसिद्ध हैं?
A. गुफा चित्रकारी
B. बौद्ध प्रतिमाएं
C. खनिज
D. सोन नदी का उद्गम
उत्तर- A
निष्कर्ष
पाषाण युग मानव विकास की एक लंबी और कठिन यात्रा का साक्षी है। पुरापाषाण काल के संघर्षपूर्ण जीवन से लेकर नवपाषाण काल की व्यवस्थित ग्रामीण संस्कृति तक, मानव ने अपनी बुद्धि और कौशल से प्रकृति पर विजय प्राप्त करने की कोशिश की। यह कालखंड न केवल तकनीकी विकास (पत्थर से पहिए तक) को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के उदय का भी प्रतीक है, जिसने अंततः हड़प्पा जैसी महान सभ्यताओं का मार्ग प्रशस्त किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. पाषाण युग को तीन भागों में क्यों बांटा गया है?
उत्तर- औजारों के प्रकार, जलवायु परिवर्तन और जीवनशैली में आए बदलावों के आधार पर इसे पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण में बांटा गया है।
Q2. भारत में सबसे पुरानी रॉक पेंटिंग कहाँ पाई जाती है?
उत्तर- भीमबेटका (मध्य प्रदेश) में, जो पुरापाषाण और मध्यपाषाण काल से संबंधित है।
Q3. ‘नवपाषाण क्रांति’ शब्द किसने दिया था?
उत्तर- प्रसिद्ध पुरातत्वविद् वी. गॉर्डन चाइल्ड (V. Gordon Childe) ने।
Q4. मनुष्य ने सबसे पहले किस धातु का प्रयोग किया?
उत्तर- तांबा (Copper)। यह पाषाण युग के अंत और ताम्रपाषाण युग की शुरुआत में हुआ।
Q5. क्या पाषाण युग के लोग धर्म में विश्वास करते थे?
उत्तर- हाँ, कब्रों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं को दफमाना और मातृदेवी की मूर्तियाँ पुनर्जन्म और धार्मिक विश्वासों का संकेत देती हैं।
