GS Paper 3 – सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा (सीमा सड़कें) और सुरक्षा चुनौतियाँ
परिचय –
हाल ही में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख से 125 BRO इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। यह सीमा सड़क संगठन (BRO) के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ‘सिंगल-डे’ (एक ही दिन में) उद्घाटन समारोह है।
इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹5,000 करोड़ है। ये परियोजनाएं न केवल भारत की सीमाओं को सुरक्षित करेंगी, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास (Socio-economic development) को भी गति देंगी। यूपीएससी (UPSC) की दृष्टि से, यह विषय GS Paper 3 (बुनियादी ढांचा और सीमा सुरक्षा) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

125 BRO प्रोजेक्ट्स – एक नज़र में
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘Last Mile Connectivity’ सुनिश्चित करना है।
मुख्य विशेषताएं
- कुल प्रोजेक्ट्स – 125 (28 सड़कें, 93 पुल, और 4 अन्य विविध परियोजनाएं)।
- स्थान – लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मिजोरम।
- प्रमुख आकर्षण – लद्दाख में श्योक टनल (Shyok Tunnel) का उद्घाटन। यह 920 मीटर लंबी टनल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण DS-DBO रोड (Darbuk-Shyok-Daulat Beg Oldie) पर स्थित है।
- उद्देश्य – ‘विकसित भारत’ के विजन के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सीमा सड़क संगठन (BRO) की स्थापना 1960 में हुई थी। इसका उद्देश्य उत्तर और उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण करना था। पहले, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को विकसित करने में हिचकिचाहट थी (ताकि दुश्मन इसका उपयोग न कर सकें), लेकिन 2014 के बाद से नीति में बड़ा बदलाव आया है। अब सरकार ‘आक्रामक बुनियादी ढांचा विकास’ (Aggressive Infrastructure Development) पर जोर दे रही है।
इन परियोजनाओं का सामरिक महत्व
सेना की त्वरित आवाजाही (Rapid Troop Mobilization) – 125 BRO इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन विशेष रूप से चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर भारतीय सेना की पकड़ को मजबूत करेगा। श्योक टनल जैसी संरचनाएं भारी बर्फबारी में भी लद्दाख जैसे क्षेत्रों में ‘All-weather connectivity’ सुनिश्चित करेंगी।
रसद आपूर्ति (Logistics Support) – युद्ध या आपातकाल की स्थिति में रसद (Logistics) और हथियारों की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जा सकेगी।
स्थानीय विकास: – ये सड़कें न केवल सेना के लिए हैं, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी ‘जीवन रेखा’ (Lifeline) समान हैं। इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मनोवैज्ञानिक बढ़त – सीमा पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पड़ोसी देशों को एक कड़ा संदेश देता है और सीमावर्ती आबादी का सरकार पर भरोसा बढ़ाता है।
चुनौतियां और आलोचना
भले ही 125 BRO इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन BRO के सामने कई चुनौतियां भी हैं
- भौगोलिक कठिनाइयां – हिमालय की कच्ची पहाड़ियां, भूस्खलन (Landslides) और कठिन मौसम निर्माण कार्य को धीमा और महंगा बनाते हैं।
- पर्यावरणीय चिंताएं – पहाड़ों में भारी निर्माण से पारिस्थितिकी तंत्र (Ecology) को नुकसान पहुँचने का खतरा रहता है, जैसा कि हाल ही में जोशीमठ या सिक्किम में देखा गया।
- विलंब (Delays) – हालांकि गति बढ़ी है, लेकिन अभी भी कई रणनीतिक सड़कें समय सीमा से पीछे चल रही हैं।
- श्रमिकों की सुरक्षा – दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती है।
सरकारी पहल और समाधान
सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं
- बजट में वृद्धि – BRO का पूंजीगत बजट (Capital Budget) पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ाया गया है।
- नई तकनीक – प्री-फैब्रिकेटेड पुलों और 3D प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
- BRO की पुनर्संरचना – प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए BRO को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं।
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Vibrant Villages Programme) – सीमावर्ती गांवों को विकसित करने के लिए यह योजना BRO के कार्यों को पूरक बनाती है।
UPSC Mains Notes
मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- सुरक्षा ग्रिड – सीमा सड़क बुनियादी ढांचा, राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड का एक अभिन्न अंग है।
- DS-DBO रोड का महत्व – यह सड़क भारत के सबसे उत्तरी चौकी (Daulat Beg Oldie) को जोड़ती है, जो रणनीतिक रूप से चीन के अक्साई चिन के करीब है।
- ‘डुअल यूज़’ इंफ्रास्ट्रक्चर – ये परियोजनाएं ‘नागरिक और सैन्य’ (Civil-Military) दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करती हैं।
- आत्मनिर्भर भारत – इन परियोजनाओं में स्वदेशी तकनीकों और सामग्री का अधिकतम उपयोग किया गया है।
Important Facts for UPSC Prelims
- Shyok Tunnel – लद्दाख में स्थित, 920 मीटर लंबी। यह DS-DBO रोड पर है।
- BRO स्थापना – 7 मई 1960।
- मंत्रालय – BRO रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के अंतर्गत कार्य करता है (सड़क परिवहन मंत्रालय के नहीं)।
- प्रोजेक्ट्स की संख्या – 125 (सर्वाधिक एक दिन में)।
- DS-DBO – दरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी।
Mains Answer Writing Angle
प्रश्न – “सीमावर्ती बुनियादी ढांचा न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के एकीकरण का भी साधन है।” 125 BRO परियोजनाओं के हालिया उद्घाटन के संदर्भ में चर्चा करें।
उत्तर की रूपरेखा –
- भूमिका – हालिया 125 प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन का उल्लेख करें।
- सुरक्षा पहलू – त्वरित तैनाती, रसद, और चीन का मुकाबला।
- एकीकरण पहलू – वाइब्रेंट विलेज, पर्यटन, रिवर्स माइग्रेशन को रोकना।
- चुनौतियां – पर्यावरण और भूगोल।
- निष्कर्ष – बुनियादी ढांचा ‘हार्ड पावर’ और ‘सॉफ्ट पावर’ दोनों का मिश्रण है।
UPSC Prelims MCQ Practice
Q1. श्योक टनल (Shyok Tunnel) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
- यह अरुणाचल प्रदेश में स्थित है।
- यह DS-DBO सड़क पर रणनीतिक संपर्क प्रदान करती है।
- इसका निर्माण NHAI द्वारा किया गया है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1 और 2
B) केवल 2
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
उत्तर – B (यह लद्दाख में है और BRO द्वारा निर्मित है)
निष्कर्ष
125 BRO इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भारत की रणनीतिक दृढ़ता का प्रतीक है। जहाँ एक ओर यह ‘न्यू इंडिया’ की सैन्य तैयारी को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह सीमावर्ती नागरिकों को विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।
निष्कर्षतः, एक मजबूत, सुरक्षित और विकसित भारत के लिए सीमावर्ती बुनियादी ढांचे का सतत विकास अनिवार्य है, बशर्ते यह पर्यावरणीय स्थिरता के साथ संतुलित हो।
FAQs (UPSC Aspirants के लिए)
Q1. BRO किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
Ans – BRO पूर्ण रूप से रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के नियंत्रण में है। 2015 से पहले यह सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत भी कार्य करता था।
Q2. DS-DBO रोड का क्या महत्व है?
Ans – यह सड़क लेह को काराकोरम दर्रे के पास स्थित ‘दौलत बेग ओल्डी’ से जोड़ती है। यह चीन सीमा (LAC) के समानांतर चलती है, जो इसे सामरिक रूप से अति-महत्वपूर्ण बनाती है।
Q3. 125 प्रोजेक्ट्स में सबसे महत्वपूर्ण परियोजना कौन सी है?
Ans – 920 मीटर लंबी श्योक टनल (Shyok Tunnel), क्योंकि यह लेह-लद्दाख में साल भर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
Q4. क्या BRO केवल भारत में सड़कें बनाता है?
Ans – नहीं, BRO मित्र देशों जैसे भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में भी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अंजाम देता है।
Q5. वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम क्या है?
Ans – यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य उत्तरी सीमा के गांवों का व्यापक विकास करना है ताकि वहां से पलायन रोका जा सके और सीमा सुरक्षा मजबूत हो सके।
