विविधता (Diversity)

विविधता का अर्थ होता है , अलग-अलग तरह की चीज़ों, विचारों, लोगों, संस्कृतियों, परंपराओं, भाषाओं, रहन-सहन और मान्यताओं का एक साथ मौजूद होना।

यानी जब एक समाज या देश में लोग एक जैसे नहीं होते, बल्कि सभी अलग-अलग विशेषताओं के साथ रहते हैं, इसे विविधता कहते हैं

विविधता क्यों होती है?

विविधता कई कारणों से बनती है

  1. भौगोलिक परिस्थितियाँ (जैसे पहाड़, मैदान, समुद्र, जंगल)
  2. जलवायु और मौसम
  3. इतिहास और संस्कृति
  4. भाषा और धर्म
  5. खान-पान और रीति-रिवाज़

विविधता के उदाहरण

  1. भारत में सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती हैं।
  2. हर राज्य में अलग खान-पान और पोशाक होती है।
  3. अलग-अलग त्योहार, परंपराएँ और संस्कृतियाँ मनाई जाती हैं।
  4. दक्षिण भारत का खाना उत्तर भारत से अलग है।
  5. हिमाचल के लोग राजस्थान के लोगों से भौगोलिक रूप से अलग हैं।
  6. फिर भी सभी एक देश के रूप में एकजुट होकर रहते हैं।

विविधता क्यों महत्वपूर्ण है?

  1. समाज में रचनात्मकता और नए विचार आते हैं
  2. लोग एक-दूसरे की संस्कृति का सम्मान करना सीखते हैं
  3. अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग मिलकर एक मजबूत समाज बनाते हैं
  4. विविधता समाज को समृद्ध और सशक्त बनाती है।

विविधता हमारे जीवन को कैसे समृद्ध करती है?

विविधता (Diversity) हमारे जीवन को कई स्तरों पर समृद्ध और सार्थक बनाती है।

यह सिर्फ संस्कृति, भाषा, परंपरा या पहनावे का अंतर नहीं है , बल्कि सोच, अनुभव, दृष्टिकोण और जीवन शैली में अंतर भी शामिल है। नीचे सरल और प्रभावी रूप में समझिए ।

  1. नई सोच और नए दृष्टिकोण देती है
  2. सहयोग और एकता की भावना बढ़ती है
  3. सांस्कृतिक अनुभव समृद्ध बनते हैं
  4. वैश्विक दृष्टिकोण विकसित होता है
  5. मानवीय मूल्य और सहानुभूति बढ़ती है
  6. विकास और प्रगति की कुंजी है

भारत में विविधता (Diversity in India)

भारत दुनिया का सबसे समृद्ध और विविधताओं से भरा देश माना जाता है। यहाँ भाषा, धर्म, संस्कृति, परंपरा, खानपान, पहनावा, भौगोलिक संरचना, जीवन शैली , लगभग हर क्षेत्र में अद्भुत विविधता देखने को मिलती है। यही विविधता भारत की पहचान, शक्ति और गौरव है।

भारत में विविधता के प्रमुख रूप

1. भाषा की विविधता

भारत में सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती हैं।

  • संविधान की 8वीं अनुसूची में 22 भाषाएँ मान्यता प्राप्त हैं।
  • पूरे देश में 1200 से अधिक बोलियाँ पाई जाती हैं।
    उदाहरण – हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, उर्दू, गुजराती, पंजाबी, ओड़िया, असमिया आदि।

2. धार्मिक व आध्यात्मिक विविधता

भारत सभी प्रमुख धर्मों का घर है।

  • हिंदू धर्म
  • इस्लाम
  • सिख धर्म
  • ईसाई धर्म
  • बौद्ध धर्म
  • जैन धर्म
  • पारसी
  • यहूदी

इन सभी धर्मों के त्योहार, रीति–रिवाज और परंपराएँ भारत के सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध करते हैं।

3. सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता

प्रत्येक राज्य और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान अलग है।

  • नृत्य: भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, ओडिसी
  • संगीत: हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत
  • पहनावा: साड़ी, धोती, लहंगा, फुलकारी, मुंडू, पगड़ी
  • लोकपरंपराएँ और उत्सव

4. खानपान की विविधता

भारत में हर राज्य का भोजन अलग स्वाद और तकनीक से बनता है।

  • उत्तर भारत: रोटी, दाल, छोले-भटूरे
  • दक्षिण भारत: इडली, डोसा, सांभर
  • पश्चिम भारत: ढोकला, वड़ा पाव, दाल-बाती
  • पूर्व भारत: मछली-भात, रसगुल्ला, मोमोज

यह विविधता स्वाद और पोषण दोनों को समृद्ध करती है5।

5. भौगोलिक व जलवायु विविधता

भारत में प्रकृति भी विविध रूपों में दिखाई देती है —

  • हिमालय की बर्फीली पर्वतमालाएँ
  • राजस्थान के मरुस्थल
  • उत्तर और दक्षिण की उपजाऊ मैदान
  • तटीय क्षेत्र और द्वीप
  • वन, घाटियाँ और नदियाँ

इससे जीवन शैली, कृषि और परंपराओं में भी भिन्नता आती है।

निष्कर्ष

भारत की विविधता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।
हालाँकि भाषा, संस्कृति, धर्म और परंपरा में अंतर हैं , लेकिन सबको जोड़ने वाली साझा पहचान है कि हम सभी भारतीय हैं

यही कारण है कि “भारत को विविधताओं का देश” और “Unity in Diversity” कहा जाता है।

महत्वपूर्ण शब्द (Keywords) — याद करने के लिए

Diversity (विविधता)

Unity in Diversity (एकता में विविधता)

Discrimination (भेद-भाव)

Inclusion (समावेशिता)

Cultural exchange (सांस्कृतिक आदान-प्रदान)

Civic rights (नागरिक अधिकार)

लेखक परिचय

इस लेख के लेखक BCA (Bachelor of Computer Applications) से स्नातक हैं और पेशे से एक प्रोफ़ेशनल Software Engineer हैं। UPSC की तैयारी में 5 वर्षों का गहन अनुभव रखने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण तैयारी सामग्री की भारी कमी है। इसी उद्देश्य से वे अब UPSC अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क, सरल, परीक्षा-उन्मुख और कॉन्सेप्ट-बेस्ड नोट्स तैयार कर रहे हैं, ताकि हर छात्र बिना भाषा-बाधा के IAS/IPS बनने के अपने सपने को साकार कर सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *