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परिचय

भारत की दशकीय जनगणना 2025 (विलंबित 2021 की जनगणना) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) समकालीन शासन के दो प्रमुख स्तंभ हैं। जनगणना, देश की जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का एक व्यापक स्नैपशॉट प्रदान करती है, जो केंद्र व राज्य सरकारों की विभिन्न नीतियों और योजनाओं का आधार बनती है। वहीं, NPR देश के ‘सामान्य निवासियों’ का एक डेटाबेस तैयार करने की प्रक्रिया है, जो नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत शुरू की गई है।

इन दोनों प्रक्रियाओं का सीधा प्रभाव परिसीमन, कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है। UPSC छात्रों के लिए, दोनों के बीच के सूक्ष्म अंतर, उनके कानूनी प्रावधानों और NRC के साथ उनके संबंध को समझना आवश्यक है, क्योंकि ये विषय शासन (Governance) और सामाजिक न्याय (Social Justice) के दृष्टिकोण से अति-महत्वपूर्ण हैं।

जनगणना और NPR का अर्थ

जनगणना 2025 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR), UPSC के लिए महत्त्व, अंतर और चुनौतियाँ
जनगणना 2025 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR), UPSC के लिए महत्त्व, अंतर और चुनौतियाँ

जनगणना (Census)

जनगणना किसी देश या एक परिभाषित क्षेत्र की जनसंख्या से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और आवास संबंधी डेटा को एकत्र करने, संकलित करने, विश्लेषण करने और प्रकाशित करने की एक दशकीय (Decennial) प्रक्रिया है।

  • उद्देश्य – व्यापक राष्ट्रीय सांख्यिकीय डेटा प्रदान करना, जिसका उपयोग नीति नियोजन, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है।
  • कानूनी आधारजनगणना अधिनियम, 1948
  • डेटा की प्रकृति – एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी अत्यंत गोपनीय होती है, जिसे अदालत में भी प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। केवल समेकित (Aggregated) डेटा जारी किया जाता है।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register – NPR)

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) देश के ‘सामान्य निवासियों’ (Normal Residents) का एक डेटाबेस है। ‘सामान्य निवासी’ वह व्यक्ति होता है जो किसी स्थानीय क्षेत्र में कम से कम छह महीने से रह रहा हो या अगले छह महीने या उससे अधिक समय तक उस क्षेत्र में रहने का इरादा रखता हो।

  • उद्देश्य – देश के सामान्य निवासियों की एक व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना, जिससे सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के कार्यों में मदद मिले। यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRIC) की दिशा में पहला कदम माना जाता है।
  • कानूनी आधारनागरिकता अधिनियम, 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम, 2003
  • शामिल व्यक्ति – इसमें नागरिकों और गैर-नागरिकों दोनों को शामिल किया जाता है, बशर्ते वे ‘सामान्य निवासी’ की परिभाषा को पूरा करते हों।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और कानूनी आधार

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • प्राचीन भारत – मौर्य साम्राज्य के काल में भी व्यवस्थित जनगणना के साक्ष्य मिलते हैं, जिसका उल्लेख कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ में है, मुख्य रूप से कराधान (Taxation) के उद्देश्य से।
  • ब्रिटिश भारत
    • 1872 – लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में पहली गैर-समकालिक (Non-Synchronous) जनगणना कराई गई।
    • 1881 – लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में पहली समकालिक (Synchronous) जनगणना हुई। तब से, यह प्रक्रिया हर 10 वर्ष में निर्बाध रूप से जारी है।
  • स्वतंत्र भारत
    • 1948 – स्वतंत्रता के बाद, भारतीय संसद ने जनगणना अधिनियम, 1948 पारित किया, जिसके तहत 1951 में स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना हुई।

कानूनी और संवैधानिक आधार

प्रक्रियाकानूनी आधारसंवैधानिक प्रावधान
जनगणनाजनगणना अधिनियम, 1948अनुच्छेद 246– जनगणना संघ का विषय है।
सातवीं अनुसूची – संघ सूची की प्रविष्टि 69।
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR)नागरिकता अधिनियम, 1955 और नागरिकता नियम, 2003सीधे संवैधानिक प्रावधान नहीं, नागरिकता कानून के तहत संचालित।

जनगणना और NPR, मुख्य विशेषताएँ

आगामी जनगणना (2025/2027) की विशेषताएँ

  • डिजिटल माध्यम – यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा संग्रह के लिए मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा।
  • स्व-गणना (Self-Enumeration) – नागरिकों को स्वयं ही ऑनलाइन डेटा दर्ज करने का विकल्प प्रदान किया गया है, जिससे समय और प्रशासनिक बोझ कम होगा।
  • नया विवरण – जनगणना प्रपत्रों में पहली बार ट्रांसजेंडर समुदाय के मुखिया (Head of Household) का विवरण दर्ज करने का प्रावधान शामिल किया गया है।
  • जातिगत जनगणना की मांग – हालांकि अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, कई राज्यों और राजनीतिक दलों द्वारा विस्तृत जातिगत डेटा एकत्र करने की मांग की गई है (SC/ST के अतिरिक्त)।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) की विशेषताएँ

  • डेटाबेस का उद्देश्य – NPR का लक्ष्य देश के सभी सामान्य निवासियों का एक व्यापक और सटीक डेटाबेस बनाना है।
  • NRC से संबंध – NPR को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRIC) बनाने की दिशा में पहला कदम माना जाता है, जिसमें NPR डेटाबेस के माध्यम से नागरिकता का सत्यापन किया जा सकता है।
  • डेटा संग्रह – जनसांख्यिकीय डेटा के साथ-साथ इसमें माता-पिता के जन्मस्थान जैसी अतिरिक्त जानकारी भी एकत्र करने का प्रावधान है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • नोडल मंत्रालय – जनगणना और NPR दोनों का संचालन गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA) के अधीन भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner of India) के कार्यालय द्वारा किया जाता है।
  • जनगणना का नारा (2011) – हमारी जनगणना, हमारा भविष्य (Our Census, Our Future)।
  • गोपनीयता – जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत एकत्र किए गए व्यक्तिगत डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है।
  • आधार का उपयोग – जनगणना में आधार डेटा का संग्रह स्वैच्छिक है, जबकि NPR में पहचान के लिए आधार/मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा सकता है।
  • परिसीमन – संविधान के अनुच्छेद 82 के तहत लोकसभा सीटों का परिसीमन प्रत्येक जनगणना के बाद किया जाता है, लेकिन 2026 तक यह 1971 की जनगणना के आधार पर स्थिर है।

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन आयाम

प्रश्न का संभावित कोण – जनगणना और NPR, शासन में सुधार के उपकरण हैं, परंतु वे नागरिकों की निजता और नागरिकता के संबंध में गहरी चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करते हैं। समालोचनात्मक विश्लेषण करें।

पक्ष (Pros) – शासन में उपयोगिताविपक्ष (Cons) – चुनौतियाँ और विवाद
सटीक नीति नियोजन – जनगणना डेटा कल्याणकारी योजनाओं (जैसे PDS, PM आवास योजना) को बनाने और जरूरतमंद लाभार्थियों तक लक्ष्यीकरण (Targeting) सुनिश्चित करने में सहायक है।निजता और डेटा सुरक्षा – NPR के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा का केंद्रीकरण और संभावित बायोमेट्रिक संग्रह, डेटा लीक और निजता के अधिकार (पुट्टस्वामी निर्णय) के उल्लंघन की चिंताएँ बढ़ाता है।
निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन – जनगणना के आँकड़े लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित करने (परिसीमन) का आधार प्रदान करते हैं, जिससे ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ के सिद्धांत का पालन होता है।NRC से संबंध – NPR का नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बनाया जाना, और NRIC का पहला चरण होना, विशेषकर कम दस्तावेज़ वाले समुदायों में नागरिकता से वंचित होने का भय पैदा करता है।
सहकारी संघवाद (Co-operative Federalism)जनगणना प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करती हैं, जो देश के संघीय ढांचे को मजबूत करती है।जातिगत डेटा का विवाद – SC/ST के अतिरिक्त जातिगत गणना की मांग सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को उजागर कर सकती है, लेकिन इससे जाति आधारित राजनीति को भी बढ़ावा मिलने की आशंका है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान प्रबंधन: NPR देश के सामान्य निवासियों का प्रमाणित डेटाबेस बनाकर, अवैध अप्रवास और पहचान की चोरी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण में मदद कर सकता है।प्रशासनिक और तार्किक चुनौती: देश की विशाल जनसंख्या के लिए डिजिटल जनगणना और NPR को एक साथ करना, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में, एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।

जनगणना बनाम NPR: तुलनात्मक सारणी

आधारजनगणना (Census)राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR)
कानूनी आधारजनगणना अधिनियम, 1948नागरिकता अधिनियम, 1955
लक्ष्य/उद्देश्यव्यापक राष्ट्रीय सांख्यिकीय डेटा (जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक) एकत्र करना।देश के ‘सामान्य निवासियों’ का पहचान डेटाबेस तैयार करना।
डेटा की प्रकृतिगोपनीय; केवल समेकित (Aggregated) डेटा सार्वजनिक होता है।गैर-गोपनीय; व्यक्तिगत विवरण केंद्र/राज्य सरकारों के साथ साझा किया जा सकता है।
शामिल व्यक्तिजनगणना की तारीख पर देश में रहने वाला प्रत्येक व्यक्तिस्थानीय क्षेत्र में 6 महीने या उससे अधिक समय से रहने वाला ‘सामान्य निवासी’ (नागरिक + गैर-नागरिक)।
नागरिकता से संबंधसीधा संबंध नहीं, नागरिकता की स्थिति नहीं पूछता है।सीधा संबंध; राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की ओर पहला कदम।
जानकारी देनाजनगणना अधिनियम के तहत जानकारी देना अनिवार्य है।जानकारी देना अनिवार्य है (नागरिकता नियम, 2003 के तहत)।

UPSC विगत वर्ष का प्रश्न

वर्ष 2019

  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) से आप क्या समझते हैं? यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से किस प्रकार संबंधित है, और इसकी अद्यतन प्रक्रिया (Updation Process) से जुड़ी मुख्य चिंताओं (Concerns) का समालोचनात्मक परीक्षण करें। (250 शब्द)

निष्कर्ष

जनगणना 2025 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) भारत के भविष्य के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य को आकार देने की शक्ति रखते हैं। जनगणना, संविधान में निहित संघ का एक महत्वपूर्ण दायित्व है, जो विकास योजनाओं के लिए डेटा की रीढ़ है, जबकि NPR पहचान प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक आवश्यक प्रशासनिक उपकरण है। हालांकि, इन दोनों प्रक्रियाओं की सफलता केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग (Cooperation), डेटा की शुद्धता (Accuracy) और नागरिकों की निजता (Privacy) की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर निर्भर करेगी। UPSC उम्मीदवारों को इनके नीतिगत महत्त्व, कानूनी पेचीदगियों और NRC से संबंधित विवादास्पद आयामों की संतुलित समझ रखनी चाहिए, ताकि वे शासन और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से इनके प्रभावों का गहन विश्लेषण कर सकें। यह सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है कि ये प्रक्रियाएँ समावेशी हों और किसी भी वर्ग के बहिष्कार का कारण न बनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. जनगणना (Census) का संवैधानिक आधार क्या है?

A – भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 के तहत जनगणना ‘संघ सूची’ (Union List) का विषय है (सातवीं अनुसूची की प्रविष्टि 69)। इसका संचालन जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत होता है।

Q2. ‘सामान्य निवासी’ (Normal Resident) की NPR के संदर्भ में क्या परिभाषा है?

A – ‘सामान्य निवासी’ वह व्यक्ति है जो किसी स्थानीय क्षेत्र में छह महीने या उससे अधिक समय से रह रहा हो या अगले छह महीने या उससे अधिक समय तक उस क्षेत्र में रहने का इरादा रखता हो। इसमें नागरिक और गैर-नागरिक दोनों शामिल हो सकते हैं।

Q3. जनगणना और NPR में डेटा की गोपनीयता का मुख्य अंतर क्या है?

A – जनगणना डेटा अत्यंत गोपनीय होता है और व्यक्तिगत स्तर पर इसे किसी भी सरकारी या निजी संस्था के साथ साझा नहीं किया जा सकता (न्यायालय में भी नहीं)। NPR डेटा, हालांकि, बेहतर नीति कार्यान्वयन के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी सरकार के साथ साझा किया जा सकता है।

Q4. परिसीमन (Delimitation) के लिए किस जनगणना डेटा का उपयोग किया जाता है?

A – वर्तमान में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन 1971 की जनगणना के आधार पर स्थिर है। 2026 के बाद होने वाले परिसीमन के लिए आगामी जनगणना (2025/2027) के डेटा का उपयोग किया जाएगा।

Q5. NPR और NRC में क्या बुनियादी अंतर है?

ANPR देश के सभी सामान्य निवासियों (Residents) का डेटाबेस है, जिसमें नागरिक और गैर-नागरिक दोनों शामिल हैं। NRC केवल देश के नागरिकों (Citizens) की एक सूची है, और NPR को NRC संकलन की दिशा में पहला कदम माना जाता है।

आंतरिक लिंकिंग सुझाव

  • नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)
  • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC)
  • परिसीमन आयोग
  • आधार और निजता का अधिकार
  • पुट्टस्वामी वाद

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