परिचय

चक्रवात ‘दितवाह’ ने हाल ही में श्रीलंका में भारी विनाश किया है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस आपदा के कारण 56 लोगों की मौत हो गई है और 21 लोग लाप हैं। भारत ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी के तहत तत्काल राहत सामग्री भेजकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह घटना यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए आपदा प्रबंधन, अंतर्राष्ट्रीय संबंध और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने का एक प्रासंगिक केस स्टडी प्रस्तुत करती है।

चक्रवात क्या है?

चक्रवात दितवाह और श्रीलंका में बाढ़ - यूपीएससी परीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन विश्लेषण
चक्रवात दितवाह और श्रीलंका में बाढ़ – यूपीएससी परीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन विश्लेषण

चक्रवात एक प्राकृतिक मौसम संबंधी घटना है जो निम्न वायुमंडलीय दबाव के केंद्र के चारों ओर तेजी से घूमती हुई हवाओं की एक प्रणाली है। यह उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण कटिबंधीय, दोनों में बन सकते हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उत्पन्न होने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों से सबसे अधिक प्रभावित होता है।

चक्रवात दितवाह का ऐतिहासिक संदर्भ

बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातों का एक लंबा इतिहास रहा है। हाल के वर्षों में चक्रवात फेनी (2019), अम्फान (2020), और यास (2021) जैसे चक्रवातों ने भारी तबाही मचाई है। ‘दितवाह’ ने इसी रुझान को जारी रखा है और दर्शाया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण चक्रवातों की तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि हो रही है।

आपदा प्रबंधन के मुख्य बिंदु

  • पूर्व चेतावनी प्रणाली – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी की और समय रहते चेतावनी जारी की।
  • आपदा प्रतिक्रिया बल – एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तटीय क्षेत्रों में तैनात किया गया।
  • तटीय विनियमन क्षेत्र – सीआरजेड नियमों का पालन सुनिश्चित करना तटीय क्षेत्रों में नुकसान को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) – इस योजना के तहत पूर्वानुमान, रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया जैसे उपाय शामिल हैं।

केस स्टडी – श्रीलंका में भारत की राहत प्रक्रिया

श्रीलंका को भेजी गई भारतीय राहत सामग्री ‘सागर’ श्रृंखला की कवायत का हिस्सा है, जो भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन (SAGAR)’ नीति को रेखांकित करती है। इस कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं और क्षेत्रीय सहयोग का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

यूपीएससी प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की स्थापना आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत की गई थी।
  • चक्रवातों के नामकरण की प्रक्रिया विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा अपनाई गई एक प्रणाली के तहत की जाती है।
  • भारत में चक्रवातों की निगरानी के लिए एक रडार नेटवर्क स्थापित किया गया है।

मेन्स उत्तर लेखन कोण

  • विषय – “प्रभावी आपदा प्रबंधन, केवल सरकारी एजेंसियों का दायित्व नहीं बल्कि एक सामुदायिक व्यायाम है।” इस कथन के आलोक में, चक्रवात दितवाह के प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
    • मूल्य वर्धित बिंदु – स्थानीय ज्ञान, स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका, संचार नेटवर्क और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर चर्चा करें।

यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न

  • 2022 – भारत में आपदा प्रबंधन की प्रभावशीलता की व्याख्या कीजिए। क्या देश की वर्तमान आपदा प्रबंधन रणनीति जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का समाधान करती है?
  • 2020 – उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति और उनके विश्व के विभिन्न भागों में वितरण की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष

चक्रवात दितवाह की घटना एक कठोर अनुस्मारक है कि प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम बना हुआ है। जबकि भारत की पूर्व चेतावनी और राहत प्रणालियों में सुधार हुआ है, लेकिन श्रीलंका को दी गई सहायता ने कूटनीतिक लाभ भी प्रदान किया है। दीर्घकालिक समाधान के लिए मजबूत बुनियादी ढाँचे का निर्माण, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना और जलवायु परिवर्तन शमन रणनीतियों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. चक्रवातों के नाम कैसे रखे जाते हैं?
चक्रवातों के नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा पूर्व निर्धारित एक रोटेशनल सूची के आधार पर रखे जाते हैं। क्षेत्रीय विशेषज्ञ मौसम विज्ञान केंद्र (RSMC) इसका समन्वय करते हैं।

2. NDMA का गठन कब किया गया था?
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का गठन दिसंबर 2005 में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत किया गया था।

3. SAGAR नीति क्या है?
SAGAR (Security and Growth for All in the Region) भारत की समुद्री पहल है जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है।

4. चक्रवात और सुनामी में क्या अंतर है?
चक्रवात एक मौसम संबंधी घटना है जो वायुमंडलीय स्थितियों के कारण उत्पन्न होती है, जबकि सुनामी समुद्र के तल पर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या भूस्खलन के कारण उत्पन्न होने वाली समुद्री लहरों की एक श्रृंखला है।

5. भारत ने श्रीलंका को किस प्रकार की राहत सहायता प्रदान की?
भारत ने दवाएं, तंबू, खाद्य सामग्री और जल शुद्धिकरण किट जैसी राहत सामग्री भेजी।

आंतरिक लिंकिंग सुझाव

  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना
  • भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी
  • जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभाव
  • भारत-श्रीलंका संबंध
  • राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF)

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