पहला चरण: बुनियादी समझ और योजना (दिसंबर 2025 – जनवरी 2026)

यह चरण आपकी नींव रखने का है। सबसे पहले, परीक्षा के स्वरूप को अच्छी तरह समझ लें। प्रीलिम्स में दो पेपर होते हैं, सामान्य अध्ययन (GS) पेपर-I (मुख्य, 100 प्रश्न, 200 अंक) और सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT) पेपर-II (क्वालिफाइंग, 80 प्रश्न, 200 अंक, 33% यानी 66 अंक जरूरी)

इस चरण के मुख्य कार्य

  1. सिलेबस और किताबों का संग्रह– आधिकारिक पाठ्यक्रम (syllabus) की एक प्रिंट निकालें और उसे हमेशा सामने रखें। हिंदी माध्यम के लिए NCERT की किताबें (कक्षा 6-12) और निम्नलिखित मानक पुस्तकों का सेट तैयार कर लें:
    • इतिहास– रामशरण शर्मा (प्राचीन), सतीश चंद्र (मध्यकालीन), बिपिन चंद्र (आधुनिक)
    • राजव्यवस्था– एम. लक्ष्मीकांत
    • भूगोल– NCERT (कक्षा 6-12) और एक अच्छा एटलस
    • अर्थव्यवस्था– NCERT (कक्षा 11-12), संजीव वर्मा
    • पर्यावरण– दृष्टि प्रकाशन की पुस्तक या शंकर IAS अकादमी की पुस्तक
    • CSAT– तर्कशक्ति (राजीव प्रकाशन) और गणित के लिए ‘क्विकेस्ट मैथ्स’ जैसी किताब
  2. दैनिक अखबार पढ़ने की आदत– ‘द हिंदू’ या ‘इंडियन एक्सप्रेस’ का हिंदी संस्करण पढ़ना शुरू करें।
  3. CSAT का आधार– अपनी CSAT की क्षमता का आकलन करें। यदि गणित या तर्कशक्ति में कमजोर हैं, तो इस चरण में बुनियादी अवधारणाओं (जैसे प्रतिशत, अनुपात, औसत) पर काम शुरू कर दें

दूसरा चरण- विषयवार गहन अध्ययन (फरवरी 2026 – अप्रैल 2026)

इस चरण का लक्ष्य एक बार में एक विषय को पूरी तरह से कवर करना और समझना है।

  • तरीका– एक समय में एक ही विषय (जैसे, पूरा इतिहास या पूरी राजव्यवस्था) पढ़ें। किताब पढ़ते समय महत्वपूर्ण तथ्यों, संवैधानिक अनुच्छेदों, समितियों आदि के अपने हाथ से नोट्स बनाएं। ये नोट्स अंतिम महीनों में रिवीजन के लिए बहुत काम आएंगे।
  • CSAT का समावेश– इस दौरान CSAT को नज़रअंदाज न करें। सप्ताह में कम से कम 2-3 घंटे CSAT के प्रश्नों का अभ्यास करें, खासकर बोधगम्यता (Comprehension) और तार्किक तर्क (Logical Reasoning) पर
  • साप्ताहिक रिवीजन– रविवार का दिन पूरे हफ्ते में पढ़े गए चैप्टर्स के दोहराने और CSAT प्रैक्टिस के लिए रखें।

तीसरा चरण- रिवीजन, करंट अफेयर्स और टेस्ट सीरीज (मई 2026 – परीक्षा तक)

मई से परीक्षा तक का समय पूर्णतया रिवीजन, अभ्यास और मानसिक दृढ़ता के लिए है।

  1. गहन रिवीजन– अपने बनाए हुए संक्षिप्त नोट्स पर आधारित रिवीजन शुरू करें। अब आपको मोटी किताबें दोबारा पढ़ने की नहीं, बल्कि याद किए हुए तथ्यों को दोहराने की जरूरत है।
  2. करंट अफेयर्स को समेकित करें– पिछले 1.5 से 2 वर्षों के करंट अफेयर्स (जून 2024 से) का संश्लेषण करें। किसी विश्वसनीय कोचिंग की मासिक पत्रिका (जैसे दृष्टि IAS) या करंट अफेयर्स की संकलन पुस्तक से मदद ले सकते हैं।
  3. मॉक टेस्ट का दौर– यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
    • GS पेपर-I सप्ताह में कम से कम 2 पूर्ण लंबाई के मॉक टेस्ट दें। हर टेस्ट के बाद गलत प्रश्नों का विश्लेषण करें और उन टॉपिक्स को फिर से पढ़ें।
    • CSAT पेपर-II सप्ताह में कम से कम 1 पूरा CSAT मॉक टेस्ट देना अनिवार्य है। समय प्रबंधन का अभ्यास करें और यह सुनिश्चित करें कि आप लगातार 66+ अंक प्राप्त कर रहे हैं।
  4. पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQs) हर विषय के लगभग 5-10 साल के पिछले प्रश्न पत्र हल करें। इससे प्रश्नों के पैटर्न और महत्वपूर्ण विषयों का पता चलता है।

सैंपल साप्ताहिक अध्ययन योजना (मुख्य अध्ययन चरण के लिए)

नीचे दिया गया साप्ताहिक शेड्यूल आपको विषयों, रिवीजन और अभ्यास के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगा

दिनसुबह (3-4 घंटे)दोपहर (3-4 घंटे)शाम (2-3 घंटे)
सोमवारइतिहास (आधुनिक)करंट अफेयर्स (अखबार+नोट्स)CSAT अभ्यास (तर्कशक्ति)
मंगलवारभूगोल (भौतिक)करंट अफेयर्स नोट्स रिवीजनराजव्यवस्था (लक्ष्मीकांत)
बुधवारराजव्यवस्थापिछले दो दिनों का रिवीजनGS मॉक टेस्ट (अर्ध-लंबाई)
गुरुवारअर्थव्यवस्थाकरंट अफेयर्सCSAT अभ्यास (बोधगम्यता)
शुक्रवारपर्यावरण/विज्ञानसाप्ताहिक करंट अफेयर्स सारांशइतिहास (प्राचीन/मध्यकालीन) रिवीजन
शनिवारGS पूर्ण लंबाई मॉक टेस्ट देना और विश्लेषण
रविवारCSAT पूर्ण लंबाई मॉक टेस्ट देना और विश्लेषणसप्ताह के सभी नोट्स का रिवीजनअगले सप्ताह की योजना बनाना

अंतिम महत्वपूर्ण सुझाव

  • CSAT को कभी कम मत आंकें– बहुत से उम्मीदवार अच्छे GS स्कोर के बावजूद CSAT में 33% न ला पाने के कारण असफल हो जाते हैं। नियमित अभ्यास ही एकमात्र उपाय है।
  • नोट्स आपकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं– अच्छे नोट्स अंतिम महीने में आपकी तैयारी की गति दस गुना बढ़ा देते हैं।
  • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य– नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और पोषण का ध्यान रखें। यह एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं।
  • सकारात्मक रहें– उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन नियोजित रणनीति के साथ निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।

इस रणनीति का पालन करते हुए, आप निश्चित रूप से पूरे आत्मविश्वास के साथ UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2026 में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

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