“स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव होता है।”
स्रोत: NCERT, M. Laxmikant (Indian Polity), PIB रिपोर्ट्स, WHO रिपोर्ट्स, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय।
परिचय – एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार
क्या आप जानते हैं कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य सरकारों के कंधों पर होती है? एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में इसी महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डालता है कि कैसे राज्य सरकारें अपने नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करती हैं। यह अध्याय न केवल कक्षा 7 के विद्यार्थियों के लिए बल्कि UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।
स्वास्थ्य, एक बुनियादी मानव अधिकार होने के साथ-साथ किसी भी राष्ट्र के विकास का महत्वपूर्ण संकेतक भी है। भारतीय संविधान के सातवीं अनुसूची के अनुसार, ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता’ राज्य सूची का विषय है, जिसका अर्थ है कि स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन और वितरण राज्य सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह विकेन्द्रीकृत दृष्टिकोण इसलिए अपनाया गया क्योंकि विभिन्न राज्यों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ और परिस्थितियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं।
इस विस्तृत लेख में हम एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में के प्रमुख पहलुओं जैसे स्वास्थ्य क्या है?, स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की भूमिका, भारत में स्वास्थ्य सेवाएँ, हाकिम शेख की कहानी, सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वास्थ्य सेवाओं में समानता, केरल का अनुभव और कोस्टारिका का तरीका का गहन विश्लेषण करेंगे।
स्वास्थ्य क्या है? – परिभाषा और अर्थ
स्वास्थ्य केवल बीमारी से मुक्ति का नाम नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, “स्वास्थ्य पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की अवस्था है, न कि केवल रोग या दुर्बलता की अनुपस्थिति।” इस परिभाषा से स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य एक व्यापक अवधारणा है जिसमें निम्नलिखित आयाम शामिल हैं:
- शारीरिक स्वास्थ्य: शरीर का रोगों से मुक्त होना और अंगों का सामान्य रूप से कार्य करना
- मानसिक स्वास्थ्य: तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक समस्याओं से मुक्त होकर सकारात्मक सोच रखना
- सामाजिक स्वास्थ्य: समाज में सक्रिय भागीदारी, पारिवारिक और सामाजिक संबंधों का सामंजस्य
एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में यह सिखाता है कि स्वास्थ्य केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीतियों और सेवाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। एक स्वस्थ नागरिक ही राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास
प्राचीन काल (आयुर्वेद और योग)
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की परंपरा प्राचीन काल से रही है। चरक और सुश्रुत जैसे आयुर्वेदाचार्यों ने चिकित्सा पद्धति को व्यवस्थित रूप दिया।
औपनिवेशिक काल (ब्रिटिश शासन)
अंग्रेजों के शासनकाल में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास सीमित रहा। स्वास्थ्य सुविधाएँ मुख्यतः शहरी क्षेत्रों और ब्रिटिश अधिकारियों तक सीमित थीं। 1946 के भोर समिति रिपोर्ट (Bhore Committee Report) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नींव रखी।
स्वतंत्रता के बाद (1947 के बाद)
स्वतंत्रता के पश्चात भारत ने एक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को अपनाया। संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि पोषाहार और जीवन स्तर को ऊँचा उठाया जाए तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार किया जाए।
योजना काल (पंचवर्षीय योजनाएँ)
प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) से ही स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की स्थापना इसी दौरान शुरू हुई।
वर्तमान परिदृश्य (2026 तक)
आज भारत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), आयुष्मान भारत योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) की दिशा में तीव्र गति से कार्य हो रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की भूमिका: प्रमुख विशेषताएँ
एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की निम्नलिखित प्रमुख भूमिकाएँ होती हैं:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रावधान: सरकार अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और क्लीनिकों की श्रृंखला चलाती है
- रोगों की रोकथाम और नियंत्रण: टीकाकरण कार्यक्रम, संक्रामक रोगों पर निगरानी
- स्वास्थ्य बीमा योजनाएँ: गरीब और वंचित वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना
- नियामक भूमिका: निजी स्वास्थ्य सेवाओं को विनियमित करना, मानक निर्धारित करना
- स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता: लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना
- अनुसंधान और विकास: नई बीमारियों के इलाज और दवाओं के विकास में सहायता
सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं का वर्गीकरण
| पैरामीटर | सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ | निजी स्वास्थ्य सेवाएँ |
|---|---|---|
| स्वामित्व | सरकार द्वारा संचालित | निजी व्यक्तियों/कंपनियों द्वारा |
| उद्देश्य | सार्वजनिक कल्याण | लाभ कमाना |
| लागत | अत्यंत सस्ती या निःशुल्क | महंगी |
| पहुँच | ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में | मुख्यतः शहरी क्षेत्रों में |
| गुणवत्ता | पर्याप्त, लेकिन सुधार की गुंजाइश | उच्च गुणवत्ता (कीमत के अनुसार) |
| उदाहरण | सरकारी अस्पताल, PHC, CHC | प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम |

हाकिम शेख की कहानी: एक सीख
एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में में हाकिम शेख की कहानी बहुत महत्वपूर्ण है। यह कहानी एक गरीब व्यक्ति हाकिम शेख की है, जिसे अचानक गंभीर बीमारी हो जाती है। वह इलाज के लिए निजी अस्पताल जाता है, लेकिन वहाँ का खर्च वहन नहीं कर पाता। अंत में वह सरकारी अस्पताल जाता है, जहाँ उसका इलाज होता है।
यह कहानी दर्शाती है कि:
- निजी स्वास्थ्य सेवाएँ गरीब लोगों की पहुँच से बाहर हैं
- सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ गरीबों के लिए जीवन रेखा हैं
- सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना राज्य सरकार का दायित्व है
यह कहानी कक्षा 7 नागरिक शास्त्र राज्य सरकार नोट्स हिंदी में का एक अभिन्न अंग है, जो विद्यार्थियों को सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका समझाती है।
भारत में स्वास्थ्य सेवाएँ: संरचना और कार्यप्रणाली
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों की एक व्यापक श्रृंखला है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में फैली हुई है। इसके प्रमुख घटक हैं:
1. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संरचना:
- उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centre): गाँव स्तर पर सबसे छोटी इकाई, जनसंख्या 3000-5000
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC): 20,000-30,000 की जनसंख्या के लिए एक केंद्र
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC): 80,000-1,20,000 की जनसंख्या को सेवाएँ
2. शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संरचना:
- जिला अस्पताल: जिला स्तर पर प्रमुख रेफरल केंद्र
- सरकारी मेडिकल कॉलेज: उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और उपचार
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC): शहरी गरीबों के लिए
निजी स्वास्थ्य सेवाएँ
भारत में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार तीव्र गति से हुआ है। State Government Class 7 Civics Chapter 2 Explanation Hindi के अनुसार, निजी स्वास्थ्य सेवाओं के कुछ प्रमुख पहलू:
- लाभ-उन्मुख दृष्टिकोण: निजी अस्पताल व्यवसाय के रूप में कार्य करते हैं
- उच्च लागत: इलाज के खर्च सामान्य व्यक्ति के लिए अक्सर अवास्तविक होते हैं
- गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ: आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता
- असमान वितरण: अधिकांश निजी सुविधाएँ शहरी क्षेत्रों में केंद्रित
स्वास्थ्य सेवाएँ और समानता: क्या सबके लिए स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं?
एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है – क्या वास्तव में सभी नागरिकों के लिए समान स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं? इसका उत्तर है – नहीं।
स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता के कारण:
1. आर्थिक असमानता: गरीब लोग निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकते, जबकि सरकारी अस्पतालों में भीड़ और संसाधनों की कमी होती है।
2. भौगोलिक असमानता: दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, जबकि शहरी क्षेत्रों में अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
3. सामाजिक असमानता: जाति, लिंग और धर्म के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में भेदभाव।
4. गुणवत्ता में असमानता: सरकारी अस्पतालों में दवाओं, डॉक्टरों और उपकरणों की कमी होना।
क्या किया जा सकता है? – सुझाव और समाधान
एनसीईआरटी क्लास 7 राजनीति अध्याय 2 प्रश्न उत्तर हिंदी के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं में समानता लाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य बजट में वृद्धि: GDP का कम से कम 2.5-3% स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च किया जाना चाहिए
- ग्रामीण स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करना: PHC और CHC को सुसज्जित बनाना
- स्वास्थ्य बीमा का विस्तार: आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को और अधिक व्यापक बनाना
- निजी क्षेत्र का विनियमन: निजी अस्पतालों में उपचार लागत को विनियमित करना
- स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दूर करना: डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति बढ़ाना
केरल का अनुभव: एक आदर्श स्वास्थ्य मॉडल
केरल मॉडल एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में का एक महत्वपूर्ण केस स्टडी है। केरल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जो सफलता प्राप्त की है, वह पूरे भारत के लिए प्रेरणादायक है।
केरल मॉडल की प्रमुख विशेषताएँ:
- विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन: 1996 में केरल सरकार ने राज्य के बजट का 40% पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन हुआ।
- बीमारी की रोकथाम पर जोर: केरल मॉडल में बीमारी के इलाज के बजाय बीमारी की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जाता है।
- उच्च टीकाकरण कवरेज: केरल में टीकाकरण का स्तर अत्यधिक उच्च है, जिससे संक्रामक रोगों पर नियंत्रण पाने में मदद मिली है।
- स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता: केरल में साक्षरता दर उच्च होने के कारण लोग स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हैं।
- COVID-19 प्रबंधन: केरल ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
केरल स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम 2025:
2025 में केरल सरकार ने एक नया स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बढ़ाना और गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रोकथाम करना है।
कोस्टारिका का तरीका: एक अंतरराष्ट्रीय प्रेरणा
कोस्टारिका एक मध्यम आय वाला देश है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में में कोस्टारिका के उदाहरण से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं।
कोस्टारिका मॉडल की मुख्य बातें:
1. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC): कोस्टारिका अपने सभी नागरिकों और कानूनी निवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करता है।
2. EBAIS मॉडल: 1995 में कोस्टारिका ने अपनी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार किया और EBAIS मॉडल लागू किया। इस मॉडल के तहत प्रत्येक समुदाय में एक स्वास्थ्य टीम तैनात की जाती है।
3. रोकथाम पर जोर: कोस्टारिका की स्वास्थ्य नीति में रोगों की रोकथाम और प्राथमिक देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
4. कम लागत, उच्च परिणाम: कोस्टारिका विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम लागत पर उत्कृष्ट स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त करता है।
भारत के लिए सीख:
कोस्टारिका मॉडल भारत को सिखाता है कि उच्च आर्थिक विकास के बिना भी सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त किया जा सकता है, बशर्ते सही नीतियाँ और राजनीतिक इच्छाशक्ति हो।
वर्तमान मामलों का एकीकरण (2024-2026)
राज्य सरकार कक्षा 7 PDF नोट्स और सारांश हिंदी में के साथ-साथ UPSC अभ्यर्थियों को नवीनतम घटनाक्रमों पर भी नज़र रखनी चाहिए:
आयुष्मान भारत योजना (AB-PMJAY):
- दिसंबर 2025 तक 42 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं
- प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा
- दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM):
- केंद्र मंत्रिमंडल द्वारा वित्त वर्ष 2021-26 के लिए NHM का विस्तार
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर सेवा वितरण
- आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM):
- स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वाकांक्षी योजना
- जिला स्तर पर क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की स्थापना
राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (NDHM):
- स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण
- हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य ID
चुनौतियाँ: स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रमुख मुद्दे
एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में के अंतर्गत हमें यह भी समझना चाहिए कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कौन-सी चुनौतियाँ मौजूद हैं:
1. अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य वित्तपोषण
भारत का स्वास्थ्य पर व्यय GDP का केवल लगभग 1.5-2% है, जो WHO के अनुशंसित 5% से बहुत कम है।
2. स्वास्थ्य कर्मियों की कमी
भारत में प्रति 1000 जनसंख्या पर केवल 0.9 डॉक्टर हैं, जबकि WHO की अनुशंसा 2.3 प्रति 1000 है।
3. ग्रामीण-शहरी असमानता
70% से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएँ शहरी क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जबकि 65% से अधिक जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।
4. निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का अनियमन
निजी अस्पतालों में इलाज की लागत अक्सर मनमानी होती है और गरीब मरीजों का शोषण होता है।
5. संक्रामक और गैर-संचारी रोगों का दोहरा बोझ
एक ओर क्षय रोग, मलेरिया जैसे संक्रामक रोग हैं, तो दूसरी ओर मधुमेह, हृदय रोग जैसे गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
6. महामारी तैयारी
कोविड-19 ने स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों में खामियों को उजागर किया।
सरकारी योजनाएँ और नीतियाँ
| योजना का नाम | प्रारंभ वर्ष | उद्देश्य | प्रमुख विशेषता |
|---|---|---|---|
| आयुष्मान भारत PM-JAY | 2018 | 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा | दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी बीमा योजना |
| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) | 2005 (NRHM), 2013 (NUHM) | ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाएँ | आशा कार्यकर्ता प्रणाली |
| प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन | 2021 | स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना | 64,000 करोड़ रुपये का निवेश |
| राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन | 2020 | डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र | हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य ID |
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना | 2017 | गर्भवती महिलाओं को पोषण और नकद सहायता | मातृ मृत्यु दर में कमी |
| राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम | 2020 (NTEP) | 2025 तक TB उन्मूलन | निक्षय पोषण योजना |

आगे का रास्ता: सुझाव और सिफारिशें
राज्य सरकार कक्षा 7 PDF नोट्स और सारांश हिंदी में को ध्यान में रखते हुए, यहाँ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए जा रहे हैं जो UPSC मुख्य परीक्षा के उत्तर लेखन में सहायक होंगे:
अल्पकालिक सुझाव:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य बजट बढ़ाना: स्वास्थ्य क्षेत्र पर व्यय को GDP के कम से कम 2.5% तक ले जाना
- निजी स्वास्थ्य सेवाओं का विनियमन: निजी अस्पतालों में उपचार लागत को पारदर्शी बनाना
- टेलीमेडिसिन का विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएँ बढ़ाना
दीर्घकालिक सुझाव:
- सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC): सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना
- स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और भर्ती: डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करना
- रोग निगरानी प्रणाली मजबूत करना: महामारियों के प्रारंभिक पता लगाने के लिए प्रणाली विकसित करना
- स्वास्थ्य सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग: AI और डेटा एनालिटिक्स से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
निष्कर्ष
एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में हमें सिखाता है कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में राज्य सरकार की भूमिका अपरिहार्य है। स्वास्थ्य केवल एक नीति का विषय नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकार और सामाजिक न्याय का प्रश्न है। हालाँकि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता में असमानताएँ मौजूद हैं, लेकिन केरल के अनुभव और कोस्टारिका के तरीके जैसे सफल मॉडल हमें प्रेरणा देते हैं कि सही नीतियों और राजनीतिक इच्छाशक्ति से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त किया जा सकता है।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए यह अध्याय न केवल GS पेपर-II (Polity and Governance) के लिए बल्कि GS पेपर-I (सामाजिक मुद्दे), GS पेपर-III (स्वास्थ्य नीति), और सार्वजनिक प्रशासन वैकल्पिक विषय के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।
UPSC पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) हिंदी में
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) PYQs:
प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन सा विषय भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के अंतर्गत आता है? (UPSC Prelims 2020)
- (a) रक्षा
- (b) विदेश मामले
- (c) सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता
- (d) बैंकिंग
उत्तर: (c) सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता
व्याख्या: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता’ राज्य सूची का विषय है, जिसका अर्थ है कि स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन मुख्यतः राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।
प्रश्न 2: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: (UPSC Prelims 2023)
कथन-I: भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली मुख्यतः उपचारात्मक देखभाल पर केंद्रित है, जिसमें निवारक, प्रोत्साहक और पुनर्वासात्मक देखभाल सीमित है।
कथन-II: भारत के विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य सेवा वितरण दृष्टिकोण के तहत, राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के आयोजन के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
उत्तर: दोनों कथन सत्य हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 3: केरल के स्वास्थ्य मॉडल के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (UPSC Prelims 2019)
- (a) केरल ने सबसे पहले प्राइवेट अस्पतालों को बंद किया
- (b) केरल ने राज्य बजट का 40% पंचायतों को हस्तांतरित कर विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन शुरू किया
- (c) केरल में स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह से निजी क्षेत्र पर निर्भर हैं
- (d) केरल में कोई सरकारी अस्पताल नहीं हैं
उत्तर: (b) केरल ने राज्य बजट का 40% पंचायतों को हस्तांतरित कर विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन शुरू किया
प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है? (UPSC Prelims 2018)
| सूची | विषय |
|---|---|
| 1. संघ सूची | शिक्षा |
| 2. राज्य सूची | सार्वजनिक स्वास्थ्य |
| 3. समवर्ती सूची | रक्षा |
उत्तर: केवल 2 सही है
प्रश्न 5: आयुष्मान भारत योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है? (UPSC Prelims 2019)
- (a) यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है
- (b) प्रत्येक पात्र परिवार को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है
- (c) यह योजना केवल बुजुर्ग नागरिकों के लिए है
- (d) यह योजना केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त पहल है
उत्तर: (c) यह योजना केवल बुजुर्ग नागरिकों के लिए है (यह कथन गलत है, योजना सभी पात्र परिवारों के लिए है)
मुख्य परीक्षा (Mains) PYQs:
प्रश्न 1: “सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते प्रभुत्व ने भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामर्थ्य को किस प्रकार प्रभावित किया है?” विश्लेषण कीजिए। (UPSC Mains GS-2 2020, 150 शब्द)
मॉडल उत्तर:
परिचय: भारत में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार तीव्र गति से हुआ है, जो अब कुल स्वास्थ्य व्यय का लगभग 70-75% हिस्सा है।
मुख्य भाग: सकारात्मक पक्ष में, निजी क्षेत्र ने उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएँ, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराए हैं। हालाँकि, नकारात्मक पक्ष में, निजी स्वास्थ्य सेवाएँ महंगी हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए ये दुर्गम हो गई हैं। निजी अस्पतालों का विनियमन अपर्याप्त है, जिससे मरीजों का शोषण होता है।
निष्कर्ष: निजी स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण रूप से नकारा नहीं जा सकता, लेकिन उनका सख्त विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना आवश्यक है।
प्रश्न 2: “केरल का स्वास्थ्य मॉडल भारत के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श है।” इस कथन की पुष्टि में केरल मॉडल की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (UPSC Mains GS-2 2019, 150 शब्द)
मॉडल उत्तर:
परिचय: केरल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है, जिसे ‘केरल मॉडल’ के नाम से जाना जाता है।
मुख्य भाग: केरल मॉडल की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
- विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन – 1996 में राज्य बजट का 40% पंचायतों को हस्तांतरित
- बीमारी की रोकथाम पर विशेष जोर
- उच्च साक्षरता दर और स्वास्थ्य जागरूकता
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च निवेश
- COVID-19 प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन
निष्कर्ष: केरल मॉडल अन्य राज्यों को दिखाता है कि उच्च आर्थिक संसाधनों के बिना भी सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त किया जा सकता है।
प्रश्न 3: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में समानता लाने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रमुख प्रयासों का मूल्यांकन कीजिए। आगे की राह के सुझाव भी दीजिए। (UPSC Mains GS-2 2022, 250 शब्द)
मॉडल उत्तर:
परिचय: स्वास्थ्य सेवाओं में समानता सुनिश्चित करना किसी भी लोकतांत्रिक राज्य का मौलिक कर्तव्य है। भारत सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मुख्य भाग: सरकार के प्रयास:
- आयुष्मान भारत योजना: 42 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन: डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार
- निक्षय पोषण योजना: टीबी रोगियों को पोषण सहायता
आगे की राह:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य बजट GDP के कम से कम 2.5% तक बढ़ाना
- निजी स्वास्थ्य सेवाओं का सख्त विनियमन
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दूर करना
- टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
निष्कर्ष: हालाँकि सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं, लेकिन पूर्ण समानता के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्न)
- निम्नलिखित में से कौन सा विषय राज्य सूची के अंतर्गत नहीं आता है?
- (a) सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता
- (b) चिकित्सा शिक्षा (समवर्ती)
- (c) पुलिस
- (d) रक्षा
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रमुख विशेषता क्या है?
- (a) अत्यधिक महंगी
- (b) केवल शहरी क्षेत्रों में
- (c) सस्ती या निःशुल्क
- (d) केवल निजी अस्पतालों में
- हाकिम शेख की कहानी क्या संदेश देती है?
- (a) निजी अस्पताल बेहतर हैं
- (b) गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल आवश्यक हैं
- (c) सभी अस्पताल समान हैं
- (d) स्वास्थ्य सेवाएँ अनावश्यक हैं
- केरल मॉडल की कौन सी विशेषता इसे अद्वितीय बनाती है?
- (a) उच्च निजीकरण
- (b) विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन
- (c) कम स्वास्थ्य बजट
- (d) कोई सरकारी अस्पताल नहीं
- कोस्टारिका का EBAIS मॉडल किस पर केंद्रित है?
- (a) उपचारात्मक देखभाल
- (b) प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल
- (c) तृतीयक देखभाल
- (d) अस्पताल-आधारित देखभाल
- आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति परिवार कितनी वार्षिक बीमा राशि प्रदान की जाती है?
- (a) ₹1 लाख
- (b) ₹2 लाख
- (c) ₹5 लाख
- (d) ₹10 लाख
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का विस्तार किस अवधि के लिए किया गया है?
- (a) 2020-25
- (b) 2021-26
- (c) 2022-27
- (d) 2019-24
- भारत में प्रति 1000 जनसंख्या पर कितने डॉक्टर हैं?
- (a) 0.9
- (b) 1.5
- (c) 2.3
- (d) 3.0
- निम्नलिखित में से कौन सा रोग गैर-संचारी रोग (NCD) का उदाहरण है?
- (a) क्षय रोग
- (b) मलेरिया
- (c) मधुमेह
- (d) COVID-19
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (a) बुजुर्गों की देखभाल
- (b) गर्भवती महिलाओं को पोषण सहायता
- (c) बच्चों का टीकाकरण
- (d) कैंसर उपचार
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Questions)
- “स्वास्थ्य एक बुनियादी मानवाधिकार है।” इस कथन के संदर्भ में भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)
- केरल और कोस्टारिका के स्वास्थ्य मॉडलों की तुलनात्मक समीक्षा कीजिए। भारत इनसे क्या सीख ले सकता है? (200 शब्द)
- भारत में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के बढ़ते प्रभुत्व के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं का मूल्यांकन कीजिए। (150 शब्द)
- कोविड-19 महामारी ने भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की कमजोरियों को किस प्रकार उजागर किया? भविष्य की महामारियों के लिए क्या तैयारी की जानी चाहिए? (250 शब्द)
- सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) प्राप्त करने में भारत के सामने क्या चुनौतियाँ हैं? उनके समाधान के सुझाव दीजिए। (200 शब्द)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में किस विषय पर केंद्रित है?
उत्तर: एनसीईआरटी कक्षा 7 राजनीति अध्याय 2 राज्य सरकार हिंदी में ‘स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका’ विषय पर केंद्रित है। इसमें सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं में समानता, केरल के अनुभव और कोस्टारिका के तरीके जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया गया है।
प्रश्न 2: राज्य सरकार कक्षा 7 PDF नोट्स और सारांश हिंदी में कहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं?
उत्तर: राज्य सरकार कक्षा 7 PDF नोट्स और सारांश हिंदी में को NCERT की आधिकारिक वेबसाइट, अमरेश अकादमी, और अन्य शैक्षिक प्लेटफार्मों से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
प्रश्न 3: कक्षा 7 नागरिक शास्त्र राज्य सरकार नोट्स हिंदी में UPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: कक्षा 7 नागरिक शास्त्र राज्य सरकार नोट्स हिंदी में UPSC के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये राज्य सरकार की भूमिका, स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण, संविधान की सातवीं अनुसूची (राज्य सूची) और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, जो GS पेपर-II (Polity and Governance) में पूछे जाते हैं।
प्रश्न 4: State Government Class 7 Civics Chapter 2 Explanation Hindi में किन केस स्टडीज का उल्लेख है?
उत्तर: State Government Class 7 Civics Chapter 2 Explanation Hindi में दो प्रमुख केस स्टडीज का उल्लेख है – केरल का अनुभव (भारतीय सफलता मॉडल) और कोस्टारिका का तरीका (अंतरराष्ट्रीय सफलता मॉडल)।
प्रश्न 5: हाकिम शेख की कहानी क्या सिखाती है?
उत्तर: हाकिम शेख की कहानी सिखाती है कि निजी स्वास्थ्य सेवाएँ गरीब लोगों के लिए सुलभ नहीं होती हैं और ऐसे में सरकारी अस्पताल ही उनके लिए एकमात्र सहारा होते हैं। यह कहानी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्ता को उजागर करती है।
प्रश्न 6: भारत में सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं में क्या अंतर है?
उत्तर: सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ सरकार द्वारा संचालित, सस्ती या निःशुल्क होती हैं और ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध होती हैं, जबकि निजी स्वास्थ्य सेवाएँ महंगी, लाभ-उन्मुख और मुख्यतः शहरी क्षेत्रों में केंद्रित होती हैं।
प्रश्न 7: एनसीईआरटी क्लास 7 राजनीति अध्याय 2 प्रश्न उत्तर हिंदी में क्या शामिल है?
उत्तर: एनसीईआरटी क्लास 7 राजनीति अध्याय 2 प्रश्न उत्तर हिंदी में में अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर, पाठगत प्रश्नों के उत्तर, और अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को अध्याय की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं।
प्रश्न 8: स्वास्थ्य सेवाओं में समानता क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: स्वास्थ्य सेवाओं में समानता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सामाजिक न्याय का आधार है। जब सभी नागरिकों को समान स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलती हैं, तभी एक स्वस्थ और उत्पादक समाज का निर्माण संभव होता है।
प्रश्न 9: केरल मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
उत्तर: केरल मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसका विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन है। 1996 में केरल सरकार ने राज्य बजट का 40% पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन हो सका।
प्रश्न 10: कोस्टारिका का तरीका भारत के लिए क्यों प्रासंगिक है?
उत्तर: कोस्टारिका का तरीका भारत के लिए प्रासंगिक है क्योंकि कोस्टारिका एक मध्यम आय वाला देश होने के बावजूद सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करता है। इसका EBAIS मॉडल, जो प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल पर केंद्रित है, भारत जैसे विकासशील देश के लिए अनुकरणीय है।
लेखक के बारे में
लेखक: एमडी अफजल अंसारी एक UPSC अभ्यर्थी हैं, जिनके पास सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में 4 वर्षों का अनुभव है। उनका वैकल्पिक विषय लोक प्रशासन (Public Administration) है।
