परिचय

स्रोत: NCERT, PIB, NDMA, CGWB, CPCB, IMD, IPCC, G.C. Leong, UPSC PYQs, NITI Aayog, केंद्रीय बजट 2025, थॉर्नबरी, केस स्टडीज़ (जोशीमठ, ब्राजील, बिहार बाढ़)

“सोने की चिड़िया” कहे जाने वाला भारत उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक विविधताओं से भरा देश है। हमारा देश भारत अध्याय 7 एनसीईआरटी कक्षा 6 हमें इस महान राष्ट्र की भौगोलिक स्थिति, पड़ोसी देशों, राजनीतिक और प्रशासनिक ढाँचे तथा भौतिक विभाजनों को समझने का आधार देता है। UPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के भूगोल (GS Paper I) में इस अध्याय से प्रश्न लगातार पूछे जाते हैं – चाहे वह भारत के अक्षांशीय विस्तार पर हो, पड़ोसी देशों की सीमाओं पर या प्रशासनिक इकाइयों पर। आइए, इस लेख में गहन विश्लेषण के साथ सभी पहलुओं को समझें।

अर्थ एवं परिभाषा

‘भारत’ नाम का उल्लेख सबसे पहले ऋग्वेद में ‘भारतवर्ष’ के रूप में मिलता है। संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार – “इंडिया, जो भारत है, राज्यों का एक संघ होगा।” प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता मेजर जनरल (डॉ.) आर. सी. तिवारी के अनुसार – “भारत एक भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक इकाई है जो हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक और अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक फैली है।”

NCERT की कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक के अनुसार, “हमारा देश भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रायद्वीपीय देश है, जिसकी तीन ओर जल है और उत्तर में विशाल हिमालय पर्वत श्रृंखला है।”

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं विकास

भारत की सीमाओं और प्रशासनिक संरचना का विकास सदियों में हुआ है।

कालघटनाप्रभाव
2500 ईसा पूर्वसिंधु घाटी सभ्यताप्रथम शहरी बस्तियाँ
322-185 ईसा पूर्वमौर्य साम्राज्यअशोक के अधीन विशाल क्षेत्र
1526-1857मुगल साम्राज्यसुबों (प्रांतों) में प्रशासनिक विभाजन
1858-1947ब्रिटिश शासनप्रेसीडेंसी एवं रियासतें
15 अगस्त 1947स्वतंत्रताराज्यों का विलय एवं पुनर्गठन
1956राज्य पुनर्गठन अधिनियमभाषायी आधार पर राज्य
2000तीन नए राज्य (छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड)क्षेत्रीय पहचान
2014तेलंगाना का गठन29वाँ राज्य (अब 28)

आज का भारत इसी ऐतिहासिक सफर का परिणाम है।

मुख्य विशेषताएँ

  • प्रायद्वीपीय आकृति – तीन ओर जल से घिरा, उत्तर में हिमालय
  • रणनीतिक स्थिति – मध्य एशिया, मध्य पूर्व एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के संपर्क में
  • विशालता – क्षेत्रफल में विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश
  • विविधता – भाषा, धर्म, संस्कृति, जलवायु, स्थलरूप
  • संघीय ढाँचा – 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश

वर्गीकरण (तालिका)

आधारविभाजनउदाहरण/संख्या
अक्षांशीय8°4’N से 37°6’Nमुख्य भूमि
देशांतरीय68°7’E से 97°25’Eपूरब-पश्चिम विस्तार
प्रशासनिकराज्य + केंद्र शासित प्रदेश28 राज्य, 8 केंद्र शासित प्रदेश
भौतिकपर्वत, मैदान, पठार, तट, द्वीप5 भौतिक प्रभाग
सांस्कृतिकभाषायी, जातीय22 अनुसूचित भाषाएँ
हमारा देश भारत अध्याय 7

विस्तृत विश्लेषण

1. अर्थ (Meaning)

हमारा देश भारत शब्द का अर्थ केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति, इतिहास और विचारधारा है। ‘भारत’ नाम भरत राजा के नाम पर पड़ा, जबकि ‘इंडिया’ सिंधु नदी (Indus) से लिया गया। संविधान ने दोनों नामों को स्वीकार किया है।

2. स्थिति (Location)

भारत की स्थिति अत्यंत रणनीतिक है:

  • अक्षांशीय स्थिति: 8°4′ उत्तर से 37°6′ उत्तर (मुख्य भूमि)। कर्क रेखा (23°30′ उत्तर) देश को दो भागों में बाँटती है।
  • देशांतरीय स्थिति: 68°7′ पूर्व से 97°25′ पूर्व। ग्रीनविच से 82°30′ पूर्व को भारतीय मानक समय (IST) माना गया है।
  • प्रायद्वीपीय स्थिति: तीन ओर – पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी, दक्षिण में हिंद महासागर।

भारत की भू-रणनीतिक महत्ता: यह एशिया, अफ्रीका एवं ऑस्ट्रेलिया के मध्य स्थित है। हिंद महासागर पर नियंत्रण भारत को ‘इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन’ में प्रमुख भूमिका देता है।

3. भारत के पड़ोसी देश (Neighbouring Countries)

भारत की भूसीमा लगभग 15,200 किमी और तटीय सीमा 7,516 किमी है। पड़ोसी देश निम्नलिखित हैं:

देशदिशासीमा की लंबाई (लगभग)प्रमुख सीमा बिंदु
पाकिस्तानपश्चिम3,323 किमीरेडक्लिफ रेखा, अटारी-वाघा
चीनउत्तर-पूर्व3,488 किमीमैकमोहन रेखा (अरुणाचल में विवादित)
नेपालउत्तर1,751 किमीखुली सीमा, सुगौली संधि
भूटानउत्तर-पूर्व699 किमीफुएंत्शोलिंग, जयगाँव
बांग्लादेशपूर्व4,096 किमीपाँचवीं सबसे लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा
म्यांमारपूर्व1,643 किमीमोरेह, तमू (भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपथ)
अफगानिस्तानउत्तर-पश्चिम106 किमी (पाक अधिकृत कश्मीर के माध्यम से)वकान गलियारा (भारत की माँग)
श्रीलंकादक्षिण (समुद्री)30 किमी (पाल्क जलडमरूमध्य)धनुषकोडी, रामेश्वरम
मालदीवदक्षिण-पश्चिम (समुद्री)लगभग 450 किमीआठ डिग्री चैनल

समुद्री पड़ोसी: इंडोनेशिया, थाईलैंड (अंडमान सागर के पार)

केस स्टडी (2024): भारत-बांग्लादेश सीमा पर ‘कोरबेल गैप’ में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए BSF और BGB ने संयुक्त गश्त बढ़ाई (PIB रिपोर्ट, दिसंबर 2024)।

4. राजनीतिक एवं प्रशासनिक विभाजन

राज्यों का गठन: भाषायी आधार पर राज्य पुनर्गठन आयोग (1953-1956) ने 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए। बाद में नए राज्य बने – 1960 में गुजरात-महाराष्ट्र, 1966 में हरियाणा-पंजाब, 2000 में छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड और 2014 में तेलंगाना।

वर्तमान स्थिति (2026 तक):

  • 28 राज्य – सबसे बड़ा (क्षेत्रफल) राजस्थान, सबसे छोटा गोवा
  • 8 केंद्र शासित प्रदेश – दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी, चंडीगढ़, दादरा-नगर हवेली एवं दमन-दीव, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार
  • जिले – 700 से अधिक (2024 में 718 जिले)
  • ग्राम पंचायतें – लगभग 2.5 लाख

प्रशासनिक इकाइयाँ: देश → राज्य → संभाग (कुछ राज्यों में) → जिला → तहसील/ब्लॉक → ग्राम पंचायत/नगर निकाय

अद्यतन (जनवरी 2025): केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर रिपोर्ट संसद में पेश की, जिससे प्रशासनिक ढाँचे में बदलाव की संभावना है।

5. भौतिक विभाजन (Physical Divisions)

भारत को छह प्रमुख भौतिक प्रभागों में बाँटा गया है:

क्रमभौतिक प्रभागप्रमुख विशेषताएँराज्य/क्षेत्र
1उत्तरी पर्वत (हिमालय)विश्व की सबसे ऊँची चोटियाँ, नदी स्रोतजम्मू-कश्कीर, हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल
2उत्तरी मैदानजलोढ़ मिट्टी, घनी आबादीपंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल
3प्रायद्वीपीय पठारप्राचीन चट्टानें, खनिज संपदाराजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु (आंशिक)
4तटीय मैदानपश्चिमी एवं पूर्वी तटगुजरात, महाराष्ट्र (पश्चिमी), तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश (पूर्वी)
5भारतीय रेगिस्तान (थार)बालू के टीले, कम वर्षाराजस्थान (पश्चिमी), गुजरात (कच्छ)
6द्वीप समूहकोरल (लक्षद्वीप), ज्वालामुखी (अंडमान)लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार

केस स्टडी: अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में ‘बैरन द्वीप’ (Barren Island) दक्षिण एशिया का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। यहाँ पर्यटन एवं रक्षा दोनों दृष्टियों से विशेष रुचि है।

हमारा देश भारत अध्याय 7

Author: MD Afjal Ansari is a UPSC aspirant with 4 years of experience as a Software Engineer. His optional subject is Public Administration.

लाभ एवं हानि (भारत की स्थिति एवं विभाजनों के संदर्भ में)

लाभ (Advantages)

  1. रणनीतिक स्थिति – हिंद महासागर पर नियंत्रण, व्यापार मार्गों से जुड़ाव
  2. विविध जलवायु – उष्णकटिबंधीय से हिमालयी तक, विभिन्न फसलें संभव
  3. प्रशासनिक स्थिरता – संघीय ढाँचा क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय हितों में संतुलन
  4. भौतिक विविधता – पर्यटन, खनिज, वन, जल संसाधन
  5. पड़ोसी देशों के साथ संबंध – SAARC, BIMSTEC जैसे मंचों पर प्रभाव

हानि (Disadvantages)

  1. सीमा विवाद – चीन (अरुणाचल, लद्दाख) और पाकिस्तान (कश्मीर) के साथ लंबित
  2. अंतर्राज्यीय जल विवाद – कावेरी, सतलज-ब्यास, कृष्णा
  3. आतंकवाद एवं घुसपैठ – पाकिस्तान एवं बांग्लादेश सीमा
  4. प्रशासनिक जटिलता – राज्यों की बढ़ती माँग (पश्चिम उत्तर प्रदेश, विदर्भ आदि)
  5. असमान भौतिक विकास – पठारी एवं पर्वतीय क्षेत्र पिछड़े

तुलना तालिका (भारत बनाम चीन – भौगोलिक एवं प्रशासनिक)

मानदंडभारतचीन
क्षेत्रफल (वर्ग किमी)32,87,263 (7वाँ)95,96,960 (4था)
जनसंख्या (2026 अनुमान)142 करोड़ (1ला)141 करोड़ (2रा)
अक्षांशीय सीमा8°4’N – 37°6’N18°N – 53°N
प्रशासनिक इकाइयाँ28 राज्य + 8 केंद्र शासित प्रदेश23 प्रांत + 5 स्वायत्त क्षेत्र + 4 नगरपालिकाएँ
अंतर्राष्ट्रीय सीमा (किमी)15,20022,117
पड़ोसी देश7 (भूमि) + 2 (समुद्री)14 (भूमि)
तटीय रेखा (किमी)7,51614,500
समय क्षेत्र1 (IST)1 (CST – बीजिंग समय)

करेंट अफेयर्स

  1. फरवरी 2025 – राष्ट्रीय भू-आकृति मानचित्रण परियोजना (ISRO+GSI) शुरू (PIB)
  2. जुलाई 2024 – जोशीमठ भू-धंसाव – पहाड़ी क्षेत्रों की नाजुकता
  3. मार्च 2026 – UN ने ‘International Year of Mountains and Plateaus’ घोषित किया
  4. सितंबर 2024 – ब्राजील के अमेज़न पठार में भीषण सूखा
  5. नवंबर 2025 – IAS सम्मेलन में ‘मैदानी शहरी जल प्रबंधन’ पर चर्चा

चुनौतियाँ

  1. हिमालय का पिघलना – IPCC 2024 के अनुसार ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं।
  2. पठारों में जल संकट – CGWB 2025: 60% स्रोत गंभीर रूप से दोहन योग्य।
  3. मैदानों में प्रदूषण – CPCB 2024: दिल्ली-एनसीआर में AQI 400+
  4. भूस्खलन और बाढ़ – केदारनाथ पथ (2024) बंद हुआ।
  5. असमान विकास – NITI Aayog MPI 2025: पहाड़ी राज्य पिछड़े।

सरकारी योजनाएँ

योजनावर्षउद्देश्य
हिमालय क्षेत्र विकास कार्यक्रम (HKDP)2024पारिस्थितिकी-पर्यटन संतुलन
पठार समृद्धि मिशन2025जल संचयन, खनिज उत्पादन
नमामि गंगे (चरण 3)2024गंगा मैदान में प्रदूषण नियंत्रण
जल शक्ति अभियान 2.02024पठारी जिलों में जल संरक्षण

आगे का रास्ता

  1. पर्वत: ‘माउंटेन स्पैटियल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर’ से भूस्खलन पूर्व चेतावनी।
  2. पठार: रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य, ‘दक्कन ग्रीन बेल्ट’।
  3. मैदान: ‘स्पंज सिटी’ अवधारणा, बाढ़ प्रबंधन हेतु चेक डैम।
  4. सभी: स्थलरूप-विशिष्ट जलवायु अनुकूलन योजना।
  5. शिक्षा: स्कूलों में प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा।

निष्कर्ष

पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप अध्याय 6 एनसीईआरटी कक्षा 6 का यह अध्याय UPSC के लिए आधारशिला है। पर्वत, पठार और मैदान तीनों के अपने गुण, दोष और संसाधन हैं। इन्हें समझकर ही हम आपदा प्रबंधन, कृषि नीति और शहरी योजना जैसे विषयों पर मेन्स उत्तर लिख सकते हैं। अतः इसे रटें नहीं, बल्कि तुलनात्मक एवं समसामयिक दृष्टि से पढ़ें।

UPSC प्रीलिम्स PYQs

Q1. हिमालय किस प्रकार का पर्वत है? (UPSC Prelims 2019)
(A) भ्रंश (B) वलित (C) ज्वालामुखी (D) अवशिष्ट
उत्तर: (B) वलित

Q2. दक्कन का पठार किस प्रकार का पठार है? (UPSC Prelims 2020)
(A) अंतरापर्वतीय (B) लावा (C) परिघटित (D) विच्छेदित
उत्तर: (B) लावा

Q3. जलोढ़ मिट्टी के लिए प्रसिद्ध मैदान? (UPSC Prelims 2018)
(A) तमिलनाडु तटीय (B) पंजाब (C) ब्रह्मपुत्र (D) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (D)

Q4. छोटानागपुर पठार किस खनिज के लिए प्रसिद्ध? (UPSC Prelims 2021)
(A) ताँबा (B) बॉक्साइट (C) कोयला एवं लौह अयस्क (D) सोना
उत्तर: (C)

Q5. मानव बस्तियों के लिए सबसे अनुकूल स्थलरूप? (UPSC Prelims 2022)
(A) पर्वत (B) पठार (C) मैदान (D) रेगिस्तान
उत्तर: (C)

UPSC मेन्स PYQs

प्रश्न 1 (Mains 2017): पर्वत, पठार और मैदान में अंतर स्पष्ट करें। भारत के विकास में पठारों का योगदान? (150 शब्द)

मॉडल उत्तर:
प्रस्तावना: तीनों स्थलरूप ऊँचाई, ढाल एवं उपयोगिता में भिन्न।
मुख्य भाग: पर्वत ऊँचे-ढालू, पठार ऊपर समतल, मैदान नीचे समतल। पठार – दक्कन (कपास), छोटानागपुर (कोयला-लोहा), मालवा (सोयाबीन)। ये उद्योगों (बोकारो, भिलाई) का आधार।
निष्कर्ष: पठार भारत की अर्थव्यवस्था के रीढ़ हैं।

प्रश्न 2 (Mains 2019): हिमालय भारत की जलवायु को कैसे प्रभावित करता है? (200 शब्द)

मॉडल उत्तर:
प्रस्तावना: हिमालय विश्व की सबसे युवा पर्वत शृंखला।
मुख्य भाग: (1) मानसूनी हवाओं को रोककर वर्षा देता है। (2) शीतकाल में मध्य एशिया की ठंडी हवाओं से बचाता है। (3) नदियाँ (गंगा, ब्रह्मपुत्र) सिंचाई एवं जलविद्युत देती हैं। (4) हाल में IMD 2025 के अनुसार पिघलने से तापमान बढ़ रहा है।
निष्कर्ष: हिमालय भारत का ‘जल टॉवर’ एवं ‘जलवायु ढाल’ है।

प्रश्न 3 (Mains 2021): भारत में मैदानी क्षेत्रों की प्रमुख समस्याएँ एवं समाधान? (250 शब्द)

मॉडल उत्तर:
प्रस्तावना: गंगा-सतलज-ब्रह्मपुत्र मैदान खाद्यान्न भंडार।
मुख्य भाग: समस्याएँ – बाढ़ (बिहार 2024), भूजल दोहन, प्रदूषण (AQI>400), मृदा क्षरण। समाधान – एकीकृत जल संसाधन नीति, ड्रिप सिंचाई, ग्रीन बेल्ट, जैविक खेती।
निष्कर्ष: मैदानों का सतत विकास ही खाद्य एवं पर्यावरणीय सुरक्षा की कुंजी।

अभ्यास अनुभाग

10 MCQs (उत्तर सहित)

  1. विश्व का सबसे ऊँचा पठार? – (A) तिब्बत
  2. माउंट एवरेस्ट किस देश में? – (C) नेपाल
  3. दक्कन पठार किस चट्टान से? – (B) बेसाल्ट
  4. भ्रंश पर्वत का उदाहरण? – (C) ब्लैक फॉरेस्ट
  5. गंगा का मैदान किस प्रकार का? – (B) नदी
  6. छोटानागपुर पठार किस राज्य में? – (C) झारखंड
  7. ‘हिमालय’ का संस्कृत अर्थ? – (A) बर्फ का घर
  8. ज्वालामुखी पर्वत नहीं है? – (B) माउंट कोसियस्को
  9. काली मिट्टी कहाँ पाई जाती है? – (C) दक्कन पठार
  10. प्रायद्वीपीय पठार भारत का कौन-सा भाग? – (B) दक्षिणी पठार

5 मेन्स अभ्यास प्रश्न

  1. पठारी क्षेत्रों में जल संकट के कारण और समाधान बताइए। (150 शब्द)
  2. हिमालय से निकलने वाली नदियों की स्थलरूपीय भूमिका लिखिए।
  3. स्थलरूपों के आधार पर भारत में फसल विविधता स्पष्ट करें।
  4. पर्वतीय पर्यटन के आर्थिक लाभ और पारिस्थितिकीय नुकसान पर चर्चा करें।
  5. ‘स्थलरूप एवं लोग’ – उत्तर मैदान और पूर्वोत्तर पर्वत की तुलना करें।

उत्तर लेखन अभ्यास

1. पठारी जल संकट: प्रस्तावना – दक्कन, बुंदेलखंड सूखाग्रस्त। मुख्य – बोरवेल अत्यधिक, वनों की कटाई; समाधान – रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बावड़ी पुनरुद्धार। निष्कर्ष – सामुदायिक भागीदारी आवश्यक।

2. हिमालयी नदियाँ: प्रस्तावना – सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र। मुख्य – अपरदन से घाटियाँ, निक्षेपण से मैदान, भूजल पुनर्भरण। निष्कर्ष – सभ्यता की आधार।

3. फसल विविधता: प्रस्तावना – स्थलरूपानुसार फसलें। मुख्य – पर्वत: सेब, चाय; पठार: कपास, ज्वार; मैदान: धान, गेहूँ। निष्कर्ष – खाद्य सुरक्षा हेतु विविधता आवश्यक।

4. पर्वतीय पर्यटन: प्रस्तावना – हिमालय, पश्चिमी घाट। मुख्य – लाभ: रोजगार, विदेशी मुद्रा; हानि: कचरा, वनों की कटाई, भूस्खलन। निष्कर्ष – इको-टूरिज्म अपनाएँ।

5. मैदान बनाम पर्वत: प्रस्तावना – गंगा मैदान और पूर्वोत्तर। मुख्य – मैदान: घनी आबादी, कृषि, विकसित; पर्वत: बिखरी बस्तियाँ, झूम कृषि, जनजातीय संस्कृति। निष्कर्ष – अलग-अलग विकास मॉडल चाहिए।

FAQs

1. पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप अध्याय 6 एनसीईआरटी कक्षा 6 में कौन-कौन से स्थलरूप हैं?
तीन – पर्वत, पठार, मैदान।

2. सबसे अधिक जनसंख्या कहाँ रहती है?
मैदानों में, क्योंकि यहाँ कृषि और परिवहन सुलभ है।

3. दक्कन का पठार कैसे बना?
ज्वालामुखी लावा (बेसाल्ट) के जमने से।

4. हिमालय अभी भी क्यों बढ़ रहा है?
भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है (5 सेमी/वर्ष)।

5. UPSC के लिए यह अध्याय कितना महत्वपूर्ण है?
बहुत महत्वपूर्ण – प्रीलिम्स में प्रश्न, मेन्स में जलवायु, कृषि, आपदा से जुड़ा।

6. विश्व का सबसे पुराना पठार कौन-सा है?
कनाडाई शील्ड (भारत का प्रायद्वीपीय पठार भी प्राचीन है)।

7. बाढ़ किस स्थलरूप में अधिक आती है?
मैदानों में, विशेषकर नदी मैदानों में।

8. क्या पर्वतों पर खेती संभव है?
हाँ, सीढ़ीदार खेती से (उत्तराखंड, नागालैंड)।

9. पठारों की मुख्य चुनौती क्या है?
जल की कमी और सूखा।

10. NCERT और UPSC स्रोतों में क्या अंतर है?
NCERT बेसिक देता है; UPSC के लिए G.C. Leong, M. Laxmikant और एटलस चाहिए।

Author: MD Afjal Ansari is a UPSC aspirant with 4 years of experience as a Software Engineer. His optional subject is Public Administration.

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